न्यूज़ डेस्क
लोकसभा चुनाव को देखते हुए बिहार की राजनीति में सभी पार्टियां दाव खेलती नजर आ रही है। जान नायक कर्पूरी ठाकुर की विरासत को आगे बढ़ा रही जदयू को झटका देते हुए केंद्र सरकार ने अब अति पिछड़ी समाज को साधने के लिए बिहार में एक बड़ा दाव खेला है। इस साल कर्पूरी ठाकुर की जन्म शताब्दी को मनाया जाना है। ऐसे में केंद्र सरकार की तरफ से कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने का ऐलान बहियत कुछ कहता नजर आ रहा है। जदयू लम्बे समय से कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने की मांग करती रही है।
बता दें कि कर्पूरी ठाकुर के पुत्र रामनाथ ठाकुर अभी जदयू के सांसद हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत सरकार द्वारा भारत रत्न से सम्मानित करने के फैसले पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा है कि सामाजिक न्याय के पुरोधा महान जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित करना न केवल उनके अतुलनीय योगदान का विनम्र सम्मान है, बल्कि, इससे समाज में समरसता को और बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर हिंदी भाषा में पोस्ट कर कहा, “मुझे इस बात की बहुत प्रसन्नता हो रही है कि भारत सरकार ने समाजिक न्याय के पुरोधा महान जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को भारत रत्न से सम्मानित करने का निर्णय लिया है। उनकी जन्म-शताब्दी के अवसर पर यह निर्णय देशवासियों को गौरवान्वित करने वाला है। पिछड़ों और वंचितों के उत्थान के लिए कर्पूरी जी की अटूट प्रतिबद्धता और दूरदर्शी नेतृत्व ने भारत के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य पर अमिट छाप छोड़ी है। यह भारत रत्न न केवल उनके अतुलनीय योगदान का विनम्र सम्मान है, बल्कि इससे समाज में समरसता को और बढ़ावा मिलेगा।”
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिए जाने पर खुशी व्यक्त करते हुए एक्स पर अंग्रेजी भाषा में पोस्ट कर यह भी कहा, “मुझे खुशी है कि भारत सरकार ने सामाजिक न्याय के प्रतीक महान जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को भारत रत्न से सम्मानित करने का निर्णय लिया है और वह भी ऐसे समय में जब हम उनकी जन्मशती मना रहे हैं।
यह प्रतिष्ठित सम्मान हाशिये पर रह रहे लोगों के लिए एक चैंपियन और समानता और सशक्तिकरण के समर्थक के रूप में उनके स्थायी प्रयासों का एक प्रमाण है। पिछड़ों और वंचितों के उत्थान के लिए उनकी अटूट प्रतिबद्धता और उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने भारत के सामाजिक-राजनीतिक ताने-बाने पर एक अमिट छाप छोड़ी है। यह पुरस्कार न केवल उनके उल्लेखनीय योगदान का सम्मान करता है बल्कि हमें एक अधिक न्यायपूर्ण और न्यायसंगत समाज बनाने के उनके मिशन को जारी रखने के लिए भी प्रेरित करता है।”
आपको बता दें कि राष्ट्रपति भवन की तरफ से बयान जारी कर कर्पूरी ठाकुर को मरणोपरांत भारत रत्न देने की जानकारी दी गई है। बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर राज्य में पिछड़ों और दलितों के लिए बड़े फैसले लेने वाले बड़े नेता माने जाते हैं, उन्हें जननायक कहा जाता है और राज्य की राजनीति में आज भी उनके समर्थक सभी राजनीतिक दलों में महत्वपूर्ण भूमिका में हैं।

