अखिलेश अखिल
खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने बीती देर रात को पहलवानों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। आज सुबह में सोनीपत में सभी पहलवानों की बैठक हुई। इस बैठक में कई खाप और किसान नेता भी शामिल थे। फिर क्या बातचीत होगी इस पर मंथन किया गया। इसके बाद पहलवान अभी से थोड़ी देर पहले खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से मिलने उनके दिल्ली आवास पर पहुंचे हैं। बातचीत जारी है।
सूत्रों के मुताबिक जो मांगें रखी गई हैं, उसमें विनेश फोगाट की सहमति नहीं है। विनेश यहां बैठक में भी शामिल नहीं हुई हैं। अमित शाह से मुलाकात के दिन भी विनेश नहीं थीं। विनेश बृजभूषण की गिरफ्तारी से कम में मानने को तैयार नहीं हैं।
इससे पहले खेल मंत्री ने मंगलवार देर रात ट्वीट कर पहलवानों को एक बार फिर से बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। दो दिन पहले ही पहलवानों का गुट केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिला था।
उधर, कुश्ती खिलाड़ियों के पक्ष में हरियाणा के चरखी दादरी के बलाली गांव में हो रही सर्व समाज खाप महापंचायत में तकरीबन 40 खापों के प्रतिनिधियों का सुझाव सुनने के बाद 21 सदस्यीय कमेटी बनाई गई। जिसमें कमेटी ने फैसला लिया कि सारे देश और पहलवानों की मांग है कि बृजभूषण की तुरंत गिरफ्तारी हो। सारी खापें और 36 बिरादरी 24 घंटे किसी भी निर्णय के लिए तैयार होंगी। कमेटी ने कहा कि देश की सभी फेडरेशन राजनीति मुक्त हों।
बातचीत के परिणाम क्या होते हैं इसे देखना होगा। उधर विनेश किसी भी सूरत में बृजभूषण की गिरफ्तारी को लेकर झुकने को तैयार नहीं। लेकिन खबर आ रही है सरकार और बीजेपी के ;लोग किसी बह तरह इस मामले को ख़त्म करना चाहते हैं। कहा जा रहा है कि सरकार पहलवानो में भी फुट कराना चाहती है। इसके साथ ही रेलवे में नौकरी कर रहे बजरंग पुनिया और साक्षी मालिक पर भी दबाव डाला जा रहा है। कहा गया है कि अगर वे अपना आंदोलन वापस नहीं लेते हैं तो उन्हें नौकरी से हटाया भी जा सकता है। शाह से मुलाकात में खास तौर पर इस मसले पर चर्चा हुई थी। इसके बाद जी मलिक और पुनिया अपनी नौकरी पर लौटे थे।
दरअसल बीजेपी को लग रहा है कि बीजेपी की बदनामी काफी हुई है। यह बदनामी विदेश तक पहुँच गई है। अमेरिका में इसी महीने पीएम मोदी को जाना है। ऐसे में यह मामला ख़त्म नहीं होता है तो अमेरिका में भी बदनामी होगी। बीजेपी को यह भी डर है कि अगर ये पहलवान राजस्थान चुनाव में कूद गए तो पार्टी को भारी नुक्सान हो सकता है। राजस्थान में जाट और गुर्जरों की अच्छी राजनीति है। ये जातियां यही बीजेपी के साथ है लेकिन पहलवानों के मामले में ये जातियां बीजेपी से काफी खफा हो गई है। बीजेपी को यह भी लग रहा है कि अगर पहलवान राजस्थान में सभाएं करेंगी तो बीजेपी की मुश्किलें बढ़ेगी। यही वजह है कि बीजेपी और सरकार अब पहलवानो से किसी बह स्तर पर बातचीत करने को तैयार है। आज अनुराग ठाकुर के साथ जो बैठक हो रही है उसे इसी संदेर्भ में देखने की जरूरत है।

