Patna News: विश्व विरासत दिवस की पूर्व संध्या पर पटना में विरासत और संस्कृति को लेकर एक खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बापू टावर और ए.एन. कॉलेज पटना के संयुक्त तत्वावधान में “आज का संग्रहालय हमारी विरासत” विषय पर व्याख्यान-सह-आउटरीच कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के संस्थापक अनुग्रह नारायण सिंह की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
विरासत ही भविष्य की नींव—विशेषज्ञों ने दिया संदेश
कार्यक्रम में बापू टावर के निदेशक विनय कुमार ने विश्व विरासत दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मूर्त और अमूर्त दोनों तरह की विरासतों का संरक्षण बेहद जरूरी है।
वहीं हिंदी विभाग के अध्यक्ष कलानाथ मिश्र ने कहा कि हमारी विरासत ही हमारे वर्तमान और भविष्य की दिशा तय करती है, इसलिए इसे सहेजना जरूरी है।
संग्रहालय को बताया ज्ञान का सबसे बड़ा केंद्र
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता शिव कुमार मिश्र ने बिहार के संग्रहालयों की खासियत बताते हुए छात्रों को उनके महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि संग्रहालय केवल वस्तुओं का संग्रह नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता और इतिहास की जीवंत कहानी हैं। कॉलेज के प्राचार्य शैलेश कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि संग्रहालय हमारी संस्कृति को सुरक्षित रखने का सबसे सशक्त माध्यम हैं।
छात्रों में दिखा उत्साह, इतिहास को समझने का मिला मौका
इतिहास विभाग के अध्यक्ष संजीत लाल ने कहा कि म्यूजियम कम समय में ज्यादा ज्ञान देने का सबसे प्रभावी जरिया है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और विरासत संरक्षण के महत्व को समझा।
संस्कृति संरक्षण के प्रति बढ़ी जागरूकता
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि विरासत को सहेजना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। ऐसे आयोजनों से युवाओं में अपनी संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ती है।

