न्यूज़ डेस्क
संयुक्त किसान मोर्चा की दिल्ली की रामलीला मैदान में आज महापंचायत हुई। देश भर के हजारों किसान पंचायत में शामिल हुए। किसानो का प्रतिनिधिमंडल कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से भी मिला लेकिन एमएसपी गारंटी कानून पर कोई सहमति नहीं बनी। इसके बाद किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने साफ़ तौर पर कहा कि हम न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर एक बार फिर से सड़को पर उतरेंगे। 20 दिन बाद दिल्ली में बड़ा आंदोलन करेंगे। यह सरकार बिना आंदोलन किये हमें एमएसपी नहीं देगी।
गौरतलब है कि किसानों के आंदोलन के चलते दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान में 2,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है। रामलीला मैदान में जारी महापंचायत से पहले किसानों का प्रतिनिधिमंडल कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात के लिए कृषि भवन पहुंचा। इसमें दर्शन पाल, जोगिंदर सिंह उगराहां, युद्धवीर सिंह सहित दूसरे नेता शामिल हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ किसानों की एक बैठक 5 प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बैठक में पांच मसलो पर चर्चा की गई। जो पांच मुद्दे मंत्री के सामने रखे गए उनमे एमएसपी गारंटी कानून,शहीद किसानों के परिवारों को लंबित मुआवजा,किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए.अजय मिश्रा टेनी को हटाया जाए और विद्युत संशोधन विधेयक जैसे मुद्दे थे। लेकिन बातचीत में कोई हल नहीं निकला।
इस बैठक के बाद किसान नेता डॉ. दर्शन पाल ने कहा, ये सरकार आंदोलन के बिना हमें एमएसपी नहीं देगी। अगर हमारी बात नहीं मानी गई तो आने वाले 20-21 दिनों में बड़ा आंदोलन करेंगे। वहीं किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि हमने एमएसपी कमेटी की मांग नहीं की, “हमने एमएसपी गारंटी कानून की मांग की है। आपसी सहमति से मसले को सुलझाना चाहिए। संयुक्त किसान मोर्चा देश भर में पंचायतों का आयोजन करता है। हमने कभी एमएसपी पर कमेटी की मांग नहीं की। हमने एमएसपी गारंटी कानून की मांग की है। उन्हें संसद में बिल पेश करना चाहिए और इसे पास करना चाहिए। “

