लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की आज संसद भवन में बैठक हुई। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में केंद्रीय मंत्री ने परिसीमन बिल पर विपक्षी दल का रुख जानने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि यह बैठक करीब 50 मिनट तक चली, जिसमें कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी भी मौजूद रहीं।
दरअसल, यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है, जब विपक्ष लगातार सदन में पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री की उपस्थिति की मांग करते हुए हंगामा कर रहा है। आज भी संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने मकर द्वार पर मार्च निकालकर प्रदर्शन किया।
परिसीमन बिल को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है।सूत्रों के अनुसार, परिसीमन बिल मानसून सत्र में ही संसद में लाया जा सकता है। इसके लिए सत्र को कुछ दिनों के लिए बढ़ाया जा सकता है। माना जा रहा है कि 13 अगस्त को समाप्त हो रहे मानसून सत्र को 18 अगस्त बढ़ाया जा सकता है।
एक ओर विपक्षी सांसद संसद परिसर में भारी हंगामा कर रहे है,तो दूसरी ओर संसद भवन में राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की मुलाकात हुई है। माना जा रहा है कि सदन का गतिरोध खत्म करने के लिए सरकार ने यह एक बड़ी पहल की है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में परिसीमन बिल पर विस्तार से चर्चा की। हालांकि, इस दौरान राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह के बयान पर आपत्ति दोहराई। छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी रखी।
बताया जा रहा है सरकार अन्य विपक्षी दलों से भी परिसीमन बिल को लेकर बातचीत कर रही है। इसका उद्देश्य सहमति बनाकर परिसीमन बिल को एक बार फिर सदन में लाना है। राहुल गांधी और किरेन रिजिजू की बैठक करीब 50 मिनट तक चली। खास बात है कि 10 दिनों के भीतर राहुल गांधी और किरन रिजिजू की यह दूसरी मुलाकात है।
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार (05 अगस्त) को मानसून सत्र के दौरा सांसदों से चल रही अपनी बातचीत के तहत अपने आवास पर बीजेपी के 37 सांसदों को नाश्ते पर बुलाया।इस दौरान पीएम मोदी ने सांसदों के साथ व्यक्तिगत अनुभव साझा किए और अनौपचारिक चर्चाएं कीं।
आज लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सदन हंगामे की भेंट चढ़ गया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा और नारेबाजी करना शुरू कर दिया, जिसके बाद सदन को स्थगित करना पड़ा। विपक्षी सांसदों की मांग है कि 20 जुलाई को दिल्ली में हुए छात्रों के प्रदर्शन पर पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री सदन में बयान दें।इसके अलावा विपक्ष राम मंदिर में कथित चंदा चढ़ावा चोरी मामले में भी चर्चा की मांग कर रहा है।

