पश्चिम बंगाल एसटीएफ (STF) और पंजाब पुलिस ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए छात्र आंदोलन (CJP Protest) को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। दोनों राज्यों की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस आंदोलन के दौरान सीमा पार (पाकिस्तान) के आतंकी आकाओं द्वारा बड़े हमले और गड़बड़ी फैलाने की गहरी साजिश रची गई थी।जांच के दौरान इस साजिश से जुड़े खुलासे सामने आए हैं।
पंजाब पुलिस की जांच में में ISI समर्थित मॉड्यूल के द्वारा पेट्रोल बम से हमले की योजना थी। पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि उन्होंने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा समर्थित दो सीमा-पार आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस मॉड्यूल के सदस्य जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान पेट्रोल बम से हमला करने की फिराक में थे।
अमृतसर पुलिस ने इस मामले में 9 आरोपियों को हिरासत में लिया है, जिनमें 4 नाबालिग (जुवेनाइल) भी शामिल हैं। इनके पास से 3 अवैध पिस्तौल, 4 पेट्रोल बम और 9 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
इससे पूछताछ के क्रम में पता चला है कि इस ग्रुप के 8 सदस्य दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल तक पहुंच भी गए थे, जहां उन्हें पेट्रोल बम बनाने की सामग्री और स्थानीय लॉजिस्टिक्स सपोर्ट भी मिला था।
जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों की भारी मुस्तैदी और कड़े सुरक्षा इंतजामों को देखकर आरोपी डर गए और बिना हमला किए ही वापस पंजाब लौट गए, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पश्चिम बंगाल पुलिस (STF) के खुलासे में जंतर मंतर के इस आंदोलन में जैश-ए-मोहम्मद के लिंक होने का पर्दाफाश हुआ है।इसने पुलिस की वर्दी पहनकर जंतर मंतर पर चल रहे आंदोलन में घुसपैठ की थी। पश्चिम बंगाल एसटीएफ (STF) ने वर्धमान से जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के संदिग्ध आतंकवादी हमीम मंडल और उसकी सहयोगी अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि उनके पाकिस्तानी हैंडलर्स ने उन्हें जंतर-मंतर छात्र आंदोलन में पुलिस की वर्दी खरीदकर घुसने का निर्देश दिया था।इसका लक्ष्य वहां दंगा फैलाकर अशांति उत्पन्न करना था।एक साजिश के तहत संदिग्धों को पुलिस की वर्दी में आंदोलन के बीच जाकर हिंसक हरकतें करनी थीं, ताकि प्रदर्शनकारी छात्रों और दिल्ली पुलिस के बीच बड़ा टकराव पैदा किया जा सके और देशव्यापी अशांति फैलाई जा सके।
एसटीएफ को आरोपियों के फोन से व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम के ऐसे चैट्स मिले हैं, जो सीधे तौर पर पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स (शहजाद भट्टी गैंग) से जुड़े थे और जिनमें जंतर-मंतर आंदोलन को टारगेट करने की पूरी प्लानिंग की गई थी।
कुल मिलाकर, दोनों राज्यों की पुलिस की जांच रिपोर्ट यह साफ करती है कि देश के इस सबसे बड़े छात्र आंदोलन का फायदा उठाकर देश-विरोधी तत्व दिल्ली में एक बड़ा आतंकी हमला या हिंसक दंगा भड़काने की कोशिश में थे, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।

