आर्यन खान की समीर वानखेड़े के द्वारा गिरफ्तारी के तार जुड़ रहे दिशा- सुशांत मामले से

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अक्टूबर 2026 में, सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में नया मोड़ आया है। दिशा सालियान के परिवार के वकील एडवोकेट नीलेश ओझा ने सीबीआई (CBI) को कुछ नए डिजिटल सबूत और पेन ड्राइव सौंपी हैं।
वकील नीलेश ओझा ने दावा किया है कि दिशा सालियान, सुशांत सिंह राजपूत और आर्यन खान का ड्रग्स केस आपस में जुड़े हुए हैं। उनके दावों के अनुसार, पूजा डडलानी और अन्य संबंधित पक्षों के बयान व रिकॉर्ड्स सीबीआई को सौंपे गए हैं। वकील का आरोप है कि आर्यन खान मामले और वानखेड़े पर लगे रिश्वत के आरोपों को जानबूझकर एक ‘डायवर्जन’ (ध्यान भटकाने) के रूप में इस्तेमाल किया गया था ताकि दिशा सालियान और सुशांत सिंह राजपूत मामलों की जांच को भटकाया जा सके और कुछ रसूखदार लोगों को बचाया जा सके। आईए जानते हैं कौन हैं पूजा डडलानी और क्या है इसका स्टार किड आर्यन खान और दिशा सुशांत मामले से कनेक्शन।

पूजा डडलानी (Pooja Dadlani) बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान की पर्सनल मैनेजर हैं। वह साल 2012 से शाहरुख खान के साथ काम कर रही हैं और उनके फिल्म प्रोजेक्ट्स, ब्रांड एंडोर्समेंट, आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) तथा बिजनेस डील्स से लेकर उनके पर्सनल और प्रोफेशनल शेड्यूल की देखरेख करती हैं।
अक्टूबर 2026 में सामने आए घटनाक्रमों के अनुसार, अलग-अलग मामलों में उनकी भूमिका इस प्रकार है:

1. आर्यन खान केस और समीर वानखेड़े मामले में भूमिका: साल 2021 के कॉर्डेलिया क्रूज ड्रग्स केस में जब शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को गिरफ्तार किया गया था, तब पूजा डडलानी खान परिवार की ओर से कोर्ट की कार्यवाहियों और वकीलों से समन्वय का मुख्य चेहरा थीं। इस दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और मुंबई पुलिस की जांच में उनका नाम एक महत्वपूर्ण गवाह और कथित पीड़ित/लेनदेनकर्ता के रूप में आया।
उगाही (Extortion) और डील के आरोप: एक स्वतंत्र गवाह प्रभाकर सैल (अब मृतक) और व्यवसायी सैम डिसूजा ने आरोप लगाया था कि एनसीबी (NCB) के तत्कालीन जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े की ओर से आर्यन खान को छोड़ने के बदले में ₹25 करोड़ की रिश्वत मांगी गई थी, जिसे बाद में ₹18 करोड़ में तय किया गया।
टोकन मनी देने का बयान: सीबीआई की एफआईआर और एनसीबी की विजिलेंस रिपोर्ट के अनुसार, पूजा डडलानी ने कथित तौर पर आर्यन खान को बचाने के लिए बिचौलियों (केपी गोसावी और सैम डिसूजा) को ₹50 लाख की टोकन मनी से भरा एक बैग सौंपा था। हालांकि, बाद में मामला न सुलझने के कारण यह रकम वापस कर दी गई थी।
समीर वानखेड़े पर केस का मुख्य आधार: समीर वानखेड़े और अन्य अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज किए गए भ्रष्टाचार और जबरन वसूली के मामले में पूजा डडलानी की गवाही (Testimony) को एक मुख्य आधार और अहम कड़ी माना गया। दूसरी ओर, समीर वानखेड़े ने इन सभी आरोपों को गलत बताया है और बॉम्बे हाई कोर्ट में इसे चुनौती दी है।

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