न्यूज़ डेस्क
हरियाणा के नूंह की हिंसा मामले में सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने आज तीन राज्यों यूपी ,हरियाणा और दिल्ली सरकार को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अतिरिक्त फोर्स की जरूरत पड़े तो मंगा लीजिए, लेकिन ये सुनिश्चित किया जाए कि जानमाल का नुकसान न हो। न ही किसी समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाले या भड़काने वाले बयान या भाषण हों। सड़कों पर तोड़फोड़ तुरंत बंद हो। अब देखना है कि सु्प्रीम कोर्ट के इस निर्देश का कितना पालन हो पाता है? क्योंकि नूंह से भड़की इस हिंसा की आग की तपिश दिल्ली-एनसीआर तक महसूस की जा रही है।
नूंह हिंसा के विरोध में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने दिल्ली एनसीआर के 23 इलाकों में रैलियां करने का ऐलान किया है। कई इलाकों में प्रदर्शन जारी है। इन्हें रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। अदालत ने अधिकारियों को आदेश दिया कि वे किसी भी समुदाय के खिलाफ हेट स्पीच ना देने दें। संवेदनशील जगहों परसीसीटीवी का इस्तेमाल करें। कोर्ट ने यह भी कहा कि जहां जरूरी हो वहां वीडियो रिकॉर्डिंग करें और फुटेज भी सुरक्षित रखें।
मालूम हो कि हरियाणा के नूंह में सोमवार को विश्व हिंदू परिषद की एक यात्रा के पथराव के बाद हिंसा भड़की थी। इस हिंसा में उपद्रवियों ने खूब बवाल काटा। इस हिंसा में होमगार्ड के दो जवानों सहित 6 लोगों की मौत हो गई। सैकड़ों दुकानों में उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की, दर्जनों वाहन फूंक दिए। इस हिंसा के मामले में नूहं में अब तक 26 FIR दर्ज हुई हैं और 116 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
गुरुग्राम में 15एफआईआर दर्ज की गई हैं और 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हरियाणा के डीजीपी पीके अग्रवाल ने कहा कि मोनू मानेसर के वीडियो समेत हिंसा से जुड़े हर तथ्य की जांच होगी। इसके लिए SIT बना दी गई हैं और हर टीम को 7 से 8 केस जांच के लिए दिए जाएंगे। हिंसा खत्म करने को लेकर कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ये आदेश दिया। अब इस मामले में शुक्रवार को सुनवाई होगी।
बताते चले कि नूंह, पलवल, मानेसर, सोहाना और पटौदी में इंटरनेट बंद कर दिया गया है। उधर, हरियाणा से लेकर यूपी और राजस्थान में पुलिस अलर्ट मोड पर है। भीड़ ने सोमवार देर रात यहां मस्जिद पर हमला करके मौलवी की हत्या कर दी थी। मेवात और सोहना में दो समुदायों के बीच हुए बवाल के बाद हिंसा की आग गुरुग्राम और फरीदाबाद तक पहुंच गई। यहां दोनों समुदाय ने एक दूसरे पर जमकर पत्थर चलाएं।

