संभल नहीं रहे मणिपुर के हालात, बीएसएफ जवान शहीद, 10 जून तक इंटरनेट बंद

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बीरेंद्र कुमार झा

तमाम प्रयासों के बावजूद मणिपुर में अभी भी हिंसा पर पूरी तरह से विराम नहीं लग पाया है। बीते दिनों गृहमंत्री अमित शाह के दौरे के वक्त भी कई जगहों पर हिंसा हुई थी। राज्य में अभी भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। 5 और 6 जून की दरमियानी रात को भी सेरोऊ सुगनू इलाके में हिंसा हुई और गोलीबारी के दौरान असम राइफल्स का एक जवान शहीद हो गया।

सेना ने दी जानकारी

भारतीय सेना ने एक बयान जारी करके कहा कि सुरक्षाबलों ने उग्रवादियों की फायरिंग का माकूल जवाब दिया।बाद में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। घायल असम राइफल के जवान को एअरलिफ्ट करके मंत्रीपुरखी अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में जवान को मृत घोषित कर दिया गया। इस इलाके में असम राइफल्स बीएसएफ और पुलिस तैनात थी।

बताया गया कि रात भर रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही राज्य में हालात काबू करने और हिंसा पर विराम लगाने के लिए इंटरनेट सेवा पर लगी रोक को 10 जून तक बढ़ा दिया गया है। राज्य में इस समय करीब 10 हजार सेना और असम राइफल्स के जवान तैनात हैं। अपने दौरे के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कुकी और मैतेई दोनों ही समुदायों से शांति बहाल करने में मदद करने की अपील की थी।गौरतलब है कि मणिपुर में 3 मई के बाद से ही हिंसा जारी है।

हिंसा की वजह से लोगों को छोड़ना पड़ रहा है घर

मैतेई और कुकी समुदाय के बीच संघर्ष की वजह से हजारों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ गया है। दरअसल मैतेई समुदाय को आदिवासी का दर्जा दिए जाने के खिलाफ कुकी लोग प्रदर्शन कर कर रहे थे।इसके बाद ही हिंसा की शुरुआत हुई थी ।मणिपुर हाई कोर्ट ने मैतेई समुदाय को एसटी का दर्जा दिए जाने की प्रक्रिया के लिए निर्देश दिए थे।

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