Homeदेशसिर्फ तारीख पे तारीख ,महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल विस्तार ना होने से बढ़कर...

सिर्फ तारीख पे तारीख ,महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल विस्तार ना होने से बढ़कर शिव संदेश समर्थक एमएलए

Published on

बीरेंद्र कुमार झा

महाराष्ट्र में इन दिनों सियासी पारा गरम है। एक तरफ एकनाथ शिंदे गुट के विधायक मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ एनसीपी के 9 विधायकों को तत्काल मंत्री बना दिया गया है। इसको लेकर शिंदे समर्थक विधायकों में असंतोष बढ़ने लगा है। ऐसे ही एक विधायक आशीष जायसवाल इस समय भड़क उठे हैं। जायसवाल ने कहा कि शिंदे समर्थक विधायक 1 साल से इंतजार कर रहे हैं और मंत्रिमंडल विस्तार के लिए सिर्फ तारीख पर तारीख दी जा रही है, वहीं एनसीपी विधायकों को मंत्री पद दे दिया गया। गौरतलब है कि आशीष जायसवाल निर्दलीय विधायक हैं और उन्होंने शिंदे गुट को समर्थन दिया है। इससे पहले प्रहार जनशक्ति पार्टी के एमएलए बच्चू कादू ने भी मंत्रिमंडल विस्तार ना होने पर नाराजगी जताई थी।

उद्धव के खिलाफ की थी बगावत

गौरतलब है कि आशीष जायसवाल ने ही तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ सबसे पहले बगावत की थी। शिंदे मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर जायसवाल ने कहा कि कोई भी इस बात की भविष्यवाणी नहीं कर सकता है कि कैबिनेट विस्तार कब तक होगा।उन्होंने कहा कि अगर कहा जाए तो मामला सिर्फ तारीख पर तारीख तक अटका हुआ है।उन्होंने कहा कि मंत्री पद की उम्मीद रख कर बैठे सभी विधायकों ने अब अपने विधानसभा क्षेत्रों पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। वजह यह है कि अगले साल लोकसभा और विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। चुनाव से पहले आचार संहिता भी लागू हो जाएगी।जायसवाल ने आगे कहा कि प्रदेश में सियासी गतिविधियों के साथ-साथ केंद्र में भी कैबिनेट में फेरबदल होने की चर्चा है।ऐसे में हमारे सीनियर ही सही तारीख के बारे में कुछ बता सकते हैं।

फैल रहा है नेगेटिव मैसेज

आशीष जायसवाल ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में शिंदे कैबिनेट के विस्तार ना होने से विधायकों और आम लोगों में गठबंधन के प्रति गलत संदेश भी जा रहा है। उन्होंने कहा यही सही वक्त है कि मुख्यमंत्री शिंदे और दोनों उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार आईपीएल की तरह एक बेस्ट टीम का चयन करें, जो बेहतर परफॉर्मेंस देने वाला हो। जयसवाल के मुताबिक ये तीनों ही अच्छे प्रशासक हैं ।तीनों को बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर विधायकों को मंत्री पद देना चाहिए। इसके अलावा इन तीनों को क्षेत्रीय संतुलन को भी ध्यान में रखना चाहिए।साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान अन्य दलों से आए और निर्दलीय विधायकों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

 

Latest articles

ईरान पर हमले का मोदी को नहीं था पता: इजराइल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इसराइल डर से वापस आने की तुरंत बाद इसराइल और...

उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी का BJP में होगा विलय, राज्यसभा की सीट फंसी?

राज्यसभा चुनाव से पहले RLM प्रमुख और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा दिल्ली पहुंचे।उनको दिल्ली...

प्राइवेट फोटो-वीडियो से ब्लैकमेल का खेल खत्म! I4C ने बताया ऐसा आसान तरीका

  इंटरनेट के दौर में निजी तस्वीरों और वीडियो के जरिये ब्लैकमेलिंग के मामले तेजी...

क्या सच में नहीं होता सोराइसिस का कोई इलाज, जानें कितनी खतरनाक है यह बीमारी

# reality#  cure #psoriasis# dangerous #disease सोरायसिस एक ऐसी स्किन की बीमारी है जिसमें त्वचा...

More like this

ईरान पर हमले का मोदी को नहीं था पता: इजराइल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इसराइल डर से वापस आने की तुरंत बाद इसराइल और...

उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी का BJP में होगा विलय, राज्यसभा की सीट फंसी?

राज्यसभा चुनाव से पहले RLM प्रमुख और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा दिल्ली पहुंचे।उनको दिल्ली...

प्राइवेट फोटो-वीडियो से ब्लैकमेल का खेल खत्म! I4C ने बताया ऐसा आसान तरीका

  इंटरनेट के दौर में निजी तस्वीरों और वीडियो के जरिये ब्लैकमेलिंग के मामले तेजी...