यूसीसी पर क्यों नहीं बोल रही कांग्रेस, शशि थरूर ने बताया आखिर किस बात की चिंता

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बीरेंद्र कुमार झा

समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी पर कांग्रेस का क्या रुख है,इसको लेकर बहुत ज्यादा स्पष्टता नहीं है। इस बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशी थरूर ने यूसीसी पर कांग्रेस की सोच के बारे में बयान दिया है।थरूर ने कहा कि हमें डर है लोगों के अधिकारों का हनन हो सकता है। इसके अलावा सरकार की तरफ से अभी तक इसे लेकर कोई ड्राफ्ट भी सामने नहीं आया है।शशि थरूर ने कहा कि जब तक सरकार यूसीसी का ड्राफ्ट लेकर सामने नहीं आती है, तब तक कांग्रेस की तरफ से इस पर कोई टिप्पणी नहीं की जाएगी।

न ड्राफ्ट न हितधारकों के साथ कोई चर्चा

शशि थरूर ने कहा कि यूसीसी को लेकर एक बड़ी चिंता और डर का आधार यह है कि इससे विभिन्न समुदायों को मिले विशेष अधिकारों का हनन हो सकता है। इसलिए यह देखना बहुत जरूरी है कि आखिर सरकार का प्रस्ताव क्या है ? सरकार ने अभी तक न तो कोई ड्राफ्ट सामने नहीं रखा है और ना ही हितधारकों के साथ किसी भी तरह की कोई चर्चा ही शुरू की है।कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि इन सब कारणों से कांग्रेस पार्टी ने फैसला लिया है कि वह तब तक कुछ नहीं कहेगी ,जब तक ड्राफ्ट सामने नहीं आ जाता है। शशि थरूर ने कहा कि भारत में हिंदू कोड बिल लाने के लिए भी आजादी के बाद 9 साल लगे थे। लोगों को समझाने में समय लगता है।

पायलट ने बताया गूगली

गौरतलब है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने कहा कि बिना किसी ठोस प्रस्ताव के इस पर बात करना हवा में तीर चलाने जैसा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता से जुड़े मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए यह गुगली डाली है। पायलट ने उसके बारे में पूछे जाने पर कहा कि समान नागरिक संहिता क्या है? क्या कोई विधेयक आया है? क्या कोई प्रस्ताव आया है? क्या कोई खाका तैयार किया गया है ?पता ही नहीं है । यूसीसी के नाम पर अलग-अलग लोग, अलग-अलग दलऔर अलग-अलग धर्मगुरु अपना अलग-अलग राय दे रहे हैं।

विधि आयोग ने मांगी है राय

पायलट ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानबूझकर लोगों का ध्यान भटकाने का काम करती है ताकि महंगाई और जनता से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा नहीं हो। गौरतलब है कि यूसीसी विवाह तलाक और उत्तराधिकार पर समान कानून लागू करने के लिए है। इसके अमल में आने पर यह देश के सभी नागरिकों पर लागू होगा। धर्म, जाति, समुदाय और स्थानीय परंपराओं के आधार पर कानून में भेदभाव नहीं किया जाएगा। विधि आयोग ने यूसीसी पर लोगों से राय मांगी है।

 

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