न्यूज़ डेस्क
राजनीति में भला दूध का धुला कौन है ? हालांकि इस बात की जानकारी पीएम मोदी को भी है लेकिन यह राजनीति ही ऐसी है कि जिसकी सत्ता होती है वह सामने वालों पर वार करने ने नहीं चुकती। पीएम मोदी लगातार भ्रष्टाचार पर वार कर रहे हैं और विपक्षी पार्टियों को भ्रष्टाचारी और वंशवादी कहने से नहीं चूक रहे हैं। लेकिन अब छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने पीएम मोदी के वार का जवाब दिया है। सीएम बघेल ने पीएम पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा, पीएम जीरो टॉलरेंस की बात कहते हैं, लेकिन इसका उदाहरण महाराष्ट्र में देखने को मिला है। जिन लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप थे, वे मंत्री बन गए।उनका आरोप गंगा जल से धुल गए। किसी भी भ्रष्टाचारी को नहीं छोडूंगा, इसका अर्थ यह है कि किसी भी भ्रष्टाचारी को भाजपा से बाहर नहीं देखना चाहते। इनको उनकी पार्टी के लोगों का भ्रष्टाचार नहीं दिखाई देता है।
सीएम ने रायपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा, रमन सिंह के खिलाफ कितने घोटाले हैं। 2008 में उनकी संपत्ति एक करोड़ थी, 2018 आते-आते 18 करोड़ हो गई है। उनकी संपत्ति 15 गुना बढ़ गई। जबकि उनका कोई धंधा नहीं है, फिर कैसे हो गया। उत्तराखंड में करोड़ों का रिसॉर्ट बना है।इसकी जांच क्यों नहीं होती। इसका उद्देश्य है कि भ्रष्टाचार केवल भाजपा के लोग करे, दूसरे नहीं। यदि गरीब की चिंता है, तो चिटफंड कंपनियों की जांच क्यों नहीं कराते। भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे एक-एक नेता का नाम बताया जा सकता है।
सीएम ने कहा, पीएम के आने से उम्मीद थी कि आए है, तो कुछ देकर जाएंगे, लेकिन झुनझुना तक नहीं मिला। केवल राज्य सरकार को गाली देकर गए। मुझे अच्छा लगा। यदि प्रधानमंत्री राज्य सरकार के लोगों की आलोचना कर रहे हैं, तो हम उनके बराबर ही हो गए। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा, हम लोग प्रजातंत्र को मानने वाले लोग हैं। प्रजातंत्र की स्थापना कांग्रेस शासनकाल में हुई है। प्रजातांत्रिक तरीके से चलने वाले लोग हैं। सबको जोड़ कर चलने वाले लोग हैं। नफरत के बाजार में भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत हुई।
सीएम ने कहा, भाजपा कभी छत्तीसगढ़ के लोगों को सम्मान की दृष्टि से नहीं देखती थी। छत्तीसगढ़ के लोगों को नक्सली समझते थे। उन्हें गोली मार कर जेल में ठूंस देते थे। यह इनकी रणनीति रही है। फूट डालो राज करो ज्यादा दिन नहीं चलेगा।
कांग्रेस ने भाजपा शासित राज्यों में हुए कथित घोटालों की सूची गिनाईं। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा शासित राज्यों में 50 करोड़ से अधिक का घोटाला हुआ है। इसके बाद भी इन मामलों की जांच नहीं हो रही है।
