Bihar News: बिहार में पेयजल व्यवस्था को लेकर सरकार सख्त, 15 दिन में सभी बंद चापाकलों की मरम्मत का आदेश

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Bihar News: भीषण गर्मी के बीच बिहार सरकार ने पेयजल व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के मंत्री संजय कुमार सिंह ने पूर्णिया प्रक्षेत्र की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि क्षेत्र में बंद पड़े सभी चापाकलों की मरम्मत अगले 15 दिनों के भीतर हर हाल में पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल की कोई समस्या नहीं होनी चाहिए और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जलापूर्ति योजनाएं बंद मिलीं तो होगी कार्रवाई

समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने जलापूर्ति योजनाओं की स्थिति, पेयजल आपूर्ति, शिकायतों के निपटारे और योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी क्षेत्र में जलापूर्ति योजना बंद पाई जाती है तो संबंधित संवेदक और जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में चापाकल आज भी पेयजल का प्रमुख स्रोत हैं, इसलिए उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित करना विभाग की पहली जिम्मेदारी है।

भीषण गर्मी में बढ़ेगी पानी की सप्लाई

बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देशों के आलोक में जलापूर्ति व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि गर्मी की तीव्रता को देखते हुए सुबह और शाम की जलापूर्ति अवधि में एक-एक घंटे की बढ़ोतरी की जाए, ताकि लोगों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल मिल सके।

सरकार का मानना है कि तापमान में लगातार हो रही वृद्धि के बीच यह कदम आम लोगों को बड़ी राहत देगा।

ऑपरेटरों के मानदेय भुगतान पर भी सख्त निर्देश

संजय कुमार सिंह ने जलापूर्ति योजनाओं का संचालन करने वाले ऑपरेटरों के मानदेय भुगतान की समीक्षा करते हुए कहा कि भुगतान में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को समय पर मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

मंत्री ने कहा कि जलापूर्ति योजनाओं के सफल संचालन में ऑपरेटरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान होना चाहिए।

शिकायतों का त्वरित निपटारा करने का आदेश

बैठक में CGRC और सहयोग शिविरों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि पेयजल से जुड़ी जनशिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। शिकायतों के निपटारे में लापरवाही करने वाले अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

अच्छा काम करने वालों को सम्मान, लापरवाहों पर कार्रवाई

मंत्री ने विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष पांच अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले पांच अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता को हर सप्ताह कम से कम एक दिन फील्ड में जाकर योजनाओं का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है।

सरकार की प्राथमिकता है निर्बाध पेयजल आपूर्ति

बैठक के अंत में मंत्री ने कहा कि जनहित से जुड़ी योजनाओं का पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी क्रियान्वयन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राज्य के किसी भी हिस्से में पेयजल संकट की स्थिति नहीं बनने दी जाए और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

बैठक में विभाग के प्रधान सचिव राजेश कुमार, अभियंता प्रमुख सह विशेष सचिव नित्यानंद प्रसाद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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