Bihar News: बिहार में राजस्व व्यवस्था सुधारने के लिए मंत्री दिलीप कुमार का बड़ा एक्शन, अधिकारियों को टॉप-10 में आने का लक्ष्य दिया

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Bihar News: बिहार में राजस्व और भूमि सुधार विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट कहा है कि अब हर जिले, एडीएम, डीसीएलआर और अंचल स्तर के अधिकारियों को टॉप-10 रैंकिंग हासिल करने का लक्ष्य लेकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि विभाग की मासिक रैंकिंग केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और जनता को मिलने वाली सेवाओं की वास्तविक तस्वीर पेश करती है।

मुजफ्फरपुर, बक्सर और बांका जिलों की समीक्षा के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि बेहतर प्रदर्शन ही पहचान बनेगा, जबकि लापरवाही पर कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि यदि सभी स्तरों पर अधिकारी प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ काम करें तो राजस्व सेवाओं में व्यापक सुधार दिखाई देगा और आम लोगों को समय पर राहत मिलेगी।

मुजफ्फरपुर की रैंकिंग पर जताई नाराजगी

समीक्षा बैठक में मंत्री ने बताया कि अप्रैल माह की रैंकिंग में मुजफ्फरपुर जिला 13वें स्थान पर है, जबकि जिले के एडीएम और डीसीएलआर की रैंकिंग भी संतोषजनक नहीं है। जिले के 16 अंचलों में केवल सात अंचल ही टॉप-100 में जगह बना सके हैं, जबकि बाकी अंचलों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यप्रणाली में सुधार लाकर जिले को जल्द शीर्ष श्रेणी में पहुंचाया जाए।

बक्सर के अधिकारियों को भी सुधार की नसीहत

बक्सर जिले की समीक्षा के दौरान सामने आया कि जिला राज्य में 15वें स्थान पर है। जिले के कई अंचलों का प्रदर्शन बेहतर रहा, लेकिन कुछ अंचलों की रैंकिंग काफी पीछे है। मंत्री ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले अंचलों के मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाए, ताकि पूरे जिले का प्रदर्शन सुधर सके।

बांका तीसरे स्थान पर, फिर भी मंत्री पूरी तरह संतुष्ट नहीं

राज्य स्तर की रैंकिंग में बांका तीसरे स्थान पर है, जिसे मंत्री ने सराहनीय उपलब्धि बताया। हालांकि उन्होंने कहा कि केवल जिला स्तर पर अच्छी रैंकिंग पर्याप्त नहीं है। जिले के सभी अंचलों और अधिकारियों का प्रदर्शन समान रूप से बेहतर होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कुछ अंचलों की रैंकिंग अभी भी काफी नीचे है, जिसे सुधारने की आवश्यकता है।

रोज आने वाले आवेदनों से ज्यादा मामलों का करें निपटारा

बैठक के दौरान दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी और अन्य राजस्व सेवाओं से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को बड़ा निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन जितने नए आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, उससे अधिक मामलों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

मंत्री ने कहा कि ऐसा करने से लंबित मामलों का बोझ तेजी से कम होगा और आम नागरिकों को समय सीमा के भीतर सेवाएं मिल सकेंगी।

लंबित मामलों पर विशेष फोकस

करीब तीन घंटे तक चली समीक्षा बैठक में ऑनलाइन दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, अभियान बसेरा-2, सरकारी भूमि सत्यापन, राजस्व महाअभियान, जन शिकायतों और किसान पंजीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मंत्री ने आरसीएमएस पोर्टल के माध्यम से लंबित मामलों की स्थिति की भी समीक्षा की और न्यायालयों में लंबित राजस्व वादों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

खराब प्रदर्शन पर होगी कार्रवाई

समीक्षा बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा गया कि मुख्यालय स्तर से सभी जिलों की दैनिक निगरानी की जा रही है। जिन अधिकारियों का प्रदर्शन लगातार खराब रहेगा, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

वहीं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि विभाग में जवाबदेही और बेहतर कार्य संस्कृति विकसित हो सके।

राजस्व मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल रैंकिंग सुधारना नहीं, बल्कि जनता को तेज, पारदर्शी और प्रभावी राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी अधिकारियों को मिशन मोड में काम करना होगा।

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