बीरेंद्र कुमार झा
8 जुलाई को कड़ी सुरक्षा के बीच पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव कराया गया था।इसके बावजूद वहां जमकर चुनावी हिंसा की घटनाएं घटी। कहीं तोड़फोड़ हुआ तो कहीं आगजनी और कहीं बमबारी। इन घटनाओं में 17 लोगों की मौत की खबर है। चुनाव में हुई हिंसा को देखते हुए बंगाल में आज 696 बूथों पर पुनर्मतदान कराया जा रहा है। सुबह 7:00 बजे से शुरू हुई मतदान की प्रक्रिया शाम 5:00 बजे तक चलेगी।
बंगाल पंचायत चुनाव में हुई हिंसा पर बोले कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह
पश्चिम बंगाल में छिटपुट विरोध प्रदर्शन और चुनाव के बाद हिंसा की घटनाएं जारी रहने के बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सोमवार को इस मुद्दे पर कहां कि यह घटनाएं अक्षम्य है। उन्होंने यह भी कहा कि वे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रशंसक रहे हैं, लेकिन बंगाल के पंचायत चुनाव में उन्होंने निराश किया।उन्होंने जोर देकर कहा कि बंगाल की मौजूदा स्थिति हमारे लोकतंत्र के लिए अच्छी नहीं है ममता जी।
क्या कहते हैं एसडीपीओ
पश्चिम बंगाल के पंचायत चुनाव में पुनर्मतदान में सुरक्षा व्यवस्था में लगे कैनिंग के एसडीपीओ दिवाकर दास का कहना है कि पुनर्मतदान के दौरान हिंसा की घटनाएं ना घटे इसके लिए उचित व्यवस्था की गई है।फिलहाल इनके पास पंजाब का 10 कॉन्स्टेबल और एक अधिकारी के अलावा पश्चिम बंगाल की पुलिस मौजूद है। इसके अलावा इनके पास पहले से मौजूद 52 कांस्टेबल और 2 अधिकारियों का रिजर्व है। इनका मानना है कि इतने पुलिस बल और अधिकारी इस क्षेत्र में पुनर्मतदान कराने के लिए पर्याप्त हैं ।उम्मीद की जा रही है की पुनर्मतदान के दौरान इस क्षेत्र में हिंसा की घटनाएं दोबारा नहीं घटेगी।
