21 वीं सदी के भारत के निर्माता थे Rajiv Gandhi, भारत में Computer revolution के प्रणेता थे राजीव

0
494

विकास कुमार
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सीपीपी चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने उन्हें संसद परिसर में श्रद्धांजलि अर्पित की है। वहीं राहुल गांधी ने अपने पिता राजीव गांधी को पैंगोंग सो झील पर श्रद्धांजलि अर्पित की है।

राजीव गांधी को 21 वीं सदी के भारत का निर्माता भी कहा जाता है। उन्होंने अपने शासनकाल में पांच ऐसे बड़े काम किए जिसने देश को ही बदल दिया। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री रहे। इन पांच वर्षों में ही इस युवा प्रधानमंत्री ने अपने कार्यों से देश की जनता के दिलो दिमाग में अमिट छाप छोड़ी।

भारत में दूरसंचार क्रांति लाने का श्रेय राजीव गांधी को ही जाता है। उन्हें डिजिटल इंडिया का आर्किटेक्ट और सूचना तकनीक और दूरसंचार क्रांति का जनक कहा जाता है। राजीव गांधी की पहल पर अगस्त 1984 में भारतीय दूरसंचार नेटवर्क के लिए सी-डॉट की स्थापना हुई। इस पहल से शहर से लेकर गांवों तक दूरसंचार का जाल बिछाना शुरू हुआ। देश के हर कोने में पीसीओ खुलने लगे,जिससे गांव की जनता भी संचार के मामले में देश-दुनिया से जुड़ सकी।
1986 में राजीव गांधी की पहल से ही एमटीएनएल की स्थापना हुई, जिससे दूरसंचार क्षेत्र में और प्रगति हुई।

पहले देश में वोट देने की आयु 21 साल थी,लेकिन राजीव गांधी ने इसे घटाकर 18 साल कर दिया। इस प्रकार अब 18 साल के करोड़ों युवा भी सांसद, विधायक से लेकर अन्य निकायों के जनप्रतिनिधियों को चुन सकते थे।

भारत आज अगर सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री का अगुआ है तो इसके पीछे राजीव गांधी की ही प्रगतिशील सोच थी। राजीव गांधी ने अपने वैज्ञानिक मित्र सैम पित्रोदा के साथ मिलकर देश में कंप्यूटर क्रांति लाने की दिशा में काम किया। राजीव गांधी विज्ञान और तकनीक को सीखने पर जोर देते थे।उन्होंने कंप्यूटर से जुड़े कोर्स को बढ़ावा दिया,साथ ही उन्होंने कंप्यूटर तक आम जन की पहुंच को आसान बनाने के लिए कंप्यूटर उपकरणों पर आयात शुल्क घटाने की पहल की। भारतीय रेलवे में टिकट के लिए कंप्यूटरीकृत व्यवस्था भी राजीव गांधी की ही देन रही।

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने देश की सत्ता का विकेंद्रीकरण करने के लिए पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त किया। राजीव गांधी का मानना था कि पंचायती राज व्यवस्था से निचले स्तर तक लोकतंत्र पहुंच सकता है। उन्होंने अपने कार्यकाल में पंचायती राज व्यवस्था का पूरा प्रस्ताव तैयार कराया। 21 मई 1991 को हुई हत्या के एक साल बाद राजीव गांधी की सोच को साकार किया गया। 1992 में 73 वें और 74 वें संविधान संशोधन के जरिए देश में पंचायती राज व्यवस्था का उदय हुआ।

गांव के बच्चों को बेहतर शिक्षा मुहैया कराने के लिए राजीव गांधी ने नवोदय स्कूल की स्थापना की। मौजूदा समय देश के पांच सौ 51 नवोदय विद्यालयों में 1 लाख 80 हजार से अधिक छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। राजीव गांधी ने शिक्षा क्षेत्र में भी क्रांतिकारी उपाय किए,उनकी सरकार ने 1986 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की घोषणा की थी। इसके तहत पूरे देश में उच्च शिक्षा व्यवस्था का आधुनिकीकरण और विस्तार हुआ था।

राजीव गांधी जैसे दूरदर्शी नेता की वजह से आज भारत सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री का अगुआ है। अगर आतंकवादी हमले में राजीव गांधी की हत्या नहीं होती तो आज देश की दशा और दिशा कुछ और ही होती।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here