पीएम मोदी के खास प्रतीक दोषी और वित्त मंत्री की पुत्री परकला वांगमयी परिणय सूत्र में बंधे 

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न्यूज़ डेस्क 


बीते गुरुवार आठ जून को वित्त मंत्री सीतारमण की पुत्री परकला वांगमयी क शादी बंगलौर में सादे समारोह के साथ संपन्न हो गई। इस षादी समारोह में कोई वीआईपी नहीं था। .केवल परिवार के लोग थे और कुछ ख़ास मेहमान। परकला वांगमयी का विवाद गुजरात के प्रतीक दोषी के साथ हुआ।    
  यहाँ तक तो सब ठीक है। लेकिन सवाल है कि यहाँ इस शादी की चर्चा क्यों की जा रही है ? लेकिन इसकी चर्चा जरुरी है। वित्त मंत्री सीतारमण की बेटी की शादी जिस प्रतीक दोषी से हुई है वे कुछ ख़ास हैं। उनकी खासियत ये हैं कि पीएमओ में ओएसडी हैं और पीएम मोदी के ख़ास भी। कहा जाता है कि इसी प्रतीक दोषी के जरिए पीएम मोदी सभी नौकरशाहों पर नजर रखते हैं और आगे का फैसला भी करते हैं। प्रतीक  मोदी जी के ख़ास हैं और उन्हें मोदी का आँख ,कान तक कहा जाता है। 
               वित्त मंत्री सीतारमण की बेटी वांगमयी की शादी  ब्राह्मण परंपरा के अनुसार, उडुपी अदामारू मठ के संतों के दूल्हा और दुल्हन को आशीर्वाद देने के साथ संपन्न हुई। चुकी प्रतीक बेहद लौ प्रोफइल में रखकर मोदी के काम को आगे बढ़ाते हैं इसलिए वे नहीं चाहते थे कि उनकी शादी की चर्चा हो। वैसे भी दोषी सोशल मीडिया से दूर ही रहते हैं और  की टिका टिप्पणी में वे हिस्सा नहीं लेते। उनकी निगाह हमेशा उन कामो पर होती है जिससे पीएम मोदी को आगे का निर्णय लेने में सुविधा हो। लेकिन क्या आप जानते हैं वित्त मंत्री के दामाद प्रतीक दोशी कौन है और क्या काम करते हैं? तो बता वही सीतारमण की  बेटी वांगमयी एक फीचर राइटर है। वे मिंट-लाउंज के बुक्स एंड कल्चर विभाग के लिए काम करती हैं।
            प्रतीक  दोशी गुजरात के रहने वाले हैं और प्रधानमंत्री कार्यालय में स्पेशल ड्यूटी ऑफिसर के रूप में काम करते हैं। जब पीएम मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने, तब वे साल 2014 में दिल्ली चले गए थे। उनका जून 2019 में संयुक्त सचिव के पद पर प्रमोशन किया गया था। प्रतीक  दोशी ने सिंगापुर मैनेजमेंट स्कूल से ग्रेजुएट किया हैं। उन्होंने इससे पहले मोदी के गुजरात मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान गुजरात मुख्यमंत्री कार्यालय में एक रिसर्च असिस्टेंट के रूप में काम किया था, तभी पीएम मोदी को दोशी पसंद आ गये थे ।
              जानकारी के मुताबिक और पीएमओ वेबसाइट के अनुसार, वे पीएमओ की रिसर्च एंड स्ट्रैटजी विंग में काम करते हैं। दोशी को पीएम मोदी का ‘आंख और कान’ कहें तो गलत नहीं होगा। एक रिपोर्ट के अनुसार वे कथित तौर पर सरकार में शीर्ष नौकरशाहों और महत्वपूर्ण लोगों पर 24 घंटे  360 डिग्री निगरानी रखते हैं। वे उनके चयन और नियुक्तियों पर इनपुट और फीडबैक देते हैं।


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