बीरेंद्र कुमार झा
ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM ) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कोल्हापुर हिंसा और लव जिहाद सहित कुछ अन्य मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि केंद्र की सत्ताधारी पार्टी का मकसद समाज में नफरत फैलाना मुसलमानों को बदनाम करना है।
टीपू सुल्तान के नाम से परेशानी क्यों?
गुरुवार को देर रात एक जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कोल्हापुर में हुई हिंसा का जिक्र किया और कहा कि कोई टीपू सुल्तान की तस्वीर लेकर आया तो आरएसएस के लोग सड़कों पर उतर आए।उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस प्रकार गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम के तहत 44 संगठनों पर पाबंदी की सूची जारी की गई है, उसी प्रकार केंद्र सरकार को टीपू ,औरंगजेब और बाबर जैसे नामों को प्रतिबंधित करते हुए एक सूची जारी करनी चाहिए।
क्या गोडसे का नाम भी शामिल होगा प्रतिबंधित लोगों की सूची में?
असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र के एक मंत्री का हवाला दिया ,जिसमें कहा गया था कि अब तक 21 लोग पकड़े जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगर फोटो रखना जुर्म है तो यह बताइए कि यह आईपीसी की किस धारा में आता है ?बीजेपी पर हमला जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी को यह बताना चाहिए कि प्रतिबंधित नामों की सूची में वह गोडसे का नाम शामिल करेगी या नहीं? उन्होंने कहा अब् बात नाम तक भी आ गई है। लव जिहाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अगर महाराष्ट्र में यह हो रहा है तो ऐसी घटनाओं के बारे में विवरण जारी किया जाना चाहिए।
लव – जिहाद का ब्यौरा दे सरकार
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि ऐसी घटनाएं कहां-कहां हुई। अहमदनगर में हुई ? कोल्हापुर सांगली या पश्चिम महाराष्ट्र में हुई? या फिर मराठवाड़ा में हुई? उन्होंने कहा लेकिन सरकार बताएगी नहीं।सिर्फ कहेगी कि लव जिहाद हो रहा है। उन्होंने कहा बीजेपी सरकार ने नफरत फैलाने और मुसलमानों को बदनाम करने के लिए 50 बैठकें आयोजित की हैं।

