Homeदेशरामगढ़ विधान सभा उपचुनाव में सुनीता चौधरी ने मारी बाजी, यूपीए का...

रामगढ़ विधान सभा उपचुनाव में सुनीता चौधरी ने मारी बाजी, यूपीए का पत्ता साफ

Published on

  • बीरेंद्र कुमार झा

27 फरवरी को झारखंड के रामगढ़ विधान सभा उपचुनाव के लिए हुए मतदान के बाद अब मतदाताओं का फैसला सामने आ गया है।यहां के मतदाताओं ने अपना बहुमत एजेएसयू के प्रत्याशी सुनीता चौधरी को देकर उन्हें इस चुनाव में विजयी बनाया है। इस उपचुनाव में एजेएसयू की सुनीता चौधरी ने अपने ने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के बजरंग महतो को 21970 मतों के अंतर से हराया है।सुनीता चौधरी को इस उपचुनाव में 1,15,669 मत प्राप्त हुआ है।

सुनीता चौधरी के जीत से एनडीए में खुशी

रामगढ़ उपचुनाव में एजेएसयू के उम्मीदवार सुनीता चौधरी को जीत मिलने से एनडीए खेमे में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। एनडीएबजे घटक दल एजेएसयू के अध्यक्ष सुदेश महतो ने अपने दल के प्रत्याशी सुनीता चौधरी को इस जीत की बधाई देते हुए इस जीत को इस क्षेत्र की जनता का जीत बताया।

वहीं सुनीता चौधरी की जीत पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी उपाध्यक्ष रघुवर दास ने उन्हें बधाई दी ,साथ ही उन्होंने राज्य सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि राज्य सरकार के विफलता के 3 साल को जनता ने आईना दिखाया है। जिस तरह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड की जनता को ठगने का काम कर रहे हैं ,1932 खतियान लागू नहीं हुआ और झूठी खतियान यात्रा पूरे राज्य में चला रहे थे, उसका फल जनता ने उनको दिया है, जिस तरह 3 सालों में राज्य मे लॉयन ऑर्डर, भ्रष्टाचार, अवैध माइनिंग समेत अन्य विफलता को आज जनता ने सरकार को आईना दिखाने का काम किया, हेमंत सोरेन जनता से किए वादे को 1 साल में पूरा करें, नही तो 2024 में जनता हेमंत सोरेन को गद्दी से उठा कर फैकेगी

एजेएसयू की उम्मीदवार सुनीता चौधरी की जीत, एनडीए और यूपीए दोनों के लिए एक सबक

एजेएसयू की उम्मीदवार सुनीता चौधरी की इस जीत को एनडीए के चश्मे से देखा जाए, तो लगातार चार उपचुनाव में हार का स्वाद चखने के बाद रामगढ़ चुनाव में मिली, यह जीत उनके लिए बेहद खुशी लेकर आई है। लेकिनअपने साथ यह जीत एनडीए के दोनों प्रमुख घटक बीजेपी और एजेएसयू के लिए एक बड़ी सबक लेकर भी आई है।बीजेपी और एजेएसयू को यह समझना होगा कि जब एनडीए की ये दोनों घटक अपने आप को बड़ा समझते हुए अलग-अलग चुनाव लड़ रहे थे या आधे अधूरे मन से साथ में थे,तब हुए चुनाव या उपचुनाव में इन्हें यूपीए के हाथों हार मिली मिली थी। लेकिन जब इन लोगों ने गठबंधन धर्म का पूर्णरूपेण निर्वहन करते हुए चुनाव लड़ा तो इन्हें इस उपचुनाव में भारी जीत हासिल हुई।

2019 ईस्वी में सत्ता में आने के बाद UPA महा गठबंधन ने झारखंड में शुरुआती दौर में हुए हर उपचुनाव में अपना परचम लहराया था।लेकिन तब इस महागठबंधन की एक अलग ही छवि लोगों के मन में थी। इन्हें झारखंड के युवा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से झारखंड में एक बड़े विकास की अपेक्षा थी। युवाओं को भी रोजगार को लेकर हेमंत सोरेन के युवा होने की वजह से बड़ी अपेक्षा थी। 2019 ईस्वी के चुनाव प्रचार के दौरान हेमंत सोरेन लोगों से इस प्रकार का वादा किया भी करते थे। लेकिन हेमंत सोरेन जब झारखंड में सत्तासीन हुए तो इन सब वायदों को उन्होंने भुला दिया।शुरुआती 2 साल इन्होंने विकाश न कर पाने के लिए कोरोना की जिम्मेवार बताया और इसकी आड़ में अपनी विफलता को छुपाया।लेकिन जब कोरोना काल समाप्त हो गया और झारखंड में फिर भी विकास नहीं हुआ तो इन्होंने झारखंडीयों को झारखंडीयों से लड़ा कर 2024 ईसवी मैं झारखंड में होने वाले लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने का एक सपना देखा और इस सपना को साकार करने के लिए इस सरकार ने झारखंड के पुराने स्थानीयता नीति को रद्द करते हुए, 1932 के खतियान आधारित स्थानीयता नीति की बात करते हुए पूरे झारखंड जोहार खतियान यात्रा निकालना शुरू कर दिया और वह भी तब जबकि राज्यपाल रमेश बैस ने इन्हें इसकी खामियां भी गिनाया था। वहीं दूसरी तरफ नौकरी के लिए भी मैट्रिक और इंटर मीडिएट झारखंड से करने की अनिवार्यता वाली अजीबोगरीब शर्तों को जोड़कर युवाओं के सपनों को तोड़ने का काम किया। हो ना हो जनता को इससे ऐसा लगा हो कि जिसने उनके अरमानों पर पानी फेरा , तो ये भी चुनाव में अपने अरमानों पर पानी फेरने वालों के अरमान पर भी पानी फेर दे ।और नतीजा इस चुनाव में यूपीए की बड़ी हार हुई।

 

Latest articles

पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर बवाल 

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद की नींव रखने को लेकर राजनीतिक...

यात्रियों को मिलेगा कैंसिल फ्लाइट के टिकट का रिफंड, सरकार का इंडिगो को आदेश 

6 दिसंबर को इंडिगो की उड़ानें रद्द होने से हजारों यात्रियों को परेशानी का...

WhatsApp का धमाकेदार अपडेट!मिस्ड कॉल पर छोड़ सकेंगे वॉइस और वीडियो मैसेज

Meta के स्वामित्व वाला WhatsApp अपने यूजर्स के लिए एक बेहद उपयोगी फीचर लेकर...

सर्दियों में गर्म पानी से तो नहीं नहाते हैं आप, हेल्थ को हो सकती हैं इतनी दिक्कतें

सर्दियों में ठंड से बचने का सबसे आसान तरीका गर्म पानी से नहा लेना...

More like this

पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर बवाल 

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद की नींव रखने को लेकर राजनीतिक...

यात्रियों को मिलेगा कैंसिल फ्लाइट के टिकट का रिफंड, सरकार का इंडिगो को आदेश 

6 दिसंबर को इंडिगो की उड़ानें रद्द होने से हजारों यात्रियों को परेशानी का...

WhatsApp का धमाकेदार अपडेट!मिस्ड कॉल पर छोड़ सकेंगे वॉइस और वीडियो मैसेज

Meta के स्वामित्व वाला WhatsApp अपने यूजर्स के लिए एक बेहद उपयोगी फीचर लेकर...