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पश्चिम बंगाल विधान सभा में खुला कांग्रेस का खाता ,कांग्रेस के वायरन विश्वास ने तृणमूल कांग्रेस के देवाशीष बनर्जी को हराया

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  • बीरेंद्र कुमार झा

अब पश्चिम बंगाल विधानसभा में कांग्रेस का भी खाता खुल गया है। जी हां !अब कांग्रेस का विधायक भी पश्चिम बंगाल के विधानसभा के क्रियाकलापों में अपनी भागीदारी निभाएगा । वर्ष 2021 ईस्वी में पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी और टीएमसी के उम्मीदवारों के द्वारा ज्यादातर सीटों पर जीत का परचम लहराने से पश्चिम बंगाल विधान सभा से कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया था। लेकिन अब पश्चिम बंगाल विधानसभा के अंदर कम से कम 1 सीट तो कांग्रेस के लिए भी लगेगी। वायरन विश्वास का चुनाव जीतना कांग्रेस के लिए और खासकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी के लिए बड़ी ही खुशी की बात है। बायरन विश्वास मुर्शिदाबाद जिला के सागरदिघी विधानसभा सीट पर हुए इस उपचुनाव में विधान सभा में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के देवाशीष बनर्जी को 22986 मतों से पराजित कर दिया है। सगरदीघी का यह विधान सभा क्षेत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी के गृह जिला मुर्शिदाबाद के अंतर्गत आता है।

बायरन विश्वास को मिले 87,667 मत

कांग्रेस के बायरन विश्वास को 16 राउंड की मतगणना के बाद कुल 87,667 वोट मिले, जबकि तृणमूल कांग्रेस के देवाशीष बनर्जी को 64,681 मत हासिल हुए, तीसरे स्थान पर भारतीय जनता पार्टी के दिलीप साहा रहे, इन्हें 25,815 वोट मिले। इस तरह देखें तो यहां कांग्रेस को सबसे ज्यादा 47.35 फ़ीसदी मत प्राप्त हुआ,सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को 34.94% और बीजेपी को 13.94% मत प्राप्त हुए।

उम्मीदवारों की रैंकिंग

पश्चिम बंगाल के सागरदिघी विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस, टीएमसी और बीजेपी के अलावा और 6 उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में थे।लेकिन कॉन्ग्रेस टीएमसी और बीजेपी के उम्मीदवार के अलावा किसी को 1 फ़ीसदी वोट भी हासिल नहीं हुआ। यहां कुल 1,85,142 मतदाताओं ने इस बार अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें से 1337 मतदाताओं ने , इनमें से किसी को नहीं, यानी नोटा का विकल्प चुना। प्राप्त मतों के आधार पर अगर इस चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं उम्मीदवारों की रैंकिंग को देखा जाए तो इसमें पहले स्थान पर कांग्रेस के बायरन विश्वास रहे जबकि टीएमसी के देवाशीष बनर्जी दूसरे स्थान पर और बीजेपी के दिलीप साहा तीसरे स्थान पर रहे।

सुब्रत साहा के निधन से खाली हुआ था सागरदिघी विधानसभा क्षेत्र

पश्चिम बंगाल में विधानसभा के लिए पिछला चुनाव 2021 ईसवी में हुई थी।सत्तारूढ़ दल टीएमसी ने सागरदिघी क्षेत्र से सुब्रत साहा को अपना उम्मीदवार बनाया था। सुब्रत साहा ने अपेक्षा के अनुरूप तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में इस चुनाव में जीत का परचम लहराया था।इस सीट को जीतने वाले सुब्रत साहा ममता बनर्जी की सरकार में मंत्री भी रहे। लेकिन पिछले दिसंबर महीने में सुब्रत शाह का निधन हो जाने से यह सीट खाली हो गया था।

2021 से लगातार जीत रही थी तृणमूल कांग्रेस

पश्चिम बंगाल के सागर्दिघी विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी वर्ष 2011 से इस सीट पर जीत की रही थी विधानसभा चुनाव में 50 हजार से अधिक मतों के अंतर से यहां पर जीत दर्ज की थी। अल्पसंख्यक बहुल इस विधानसभा क्षेत्र में करीब 2.3 लाख मतदाता हैं,जिसमें 60% से अधिक मतदाता अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में करीब 18.5 प्रतिसत अनुसूचित जाति और 6.5 प्रतिसत अनुसूचित जनजाति ke मतदाता हैं। लेकिन सुब्रत साहा के निधन के बाद खाली हुए इस विधानसभा सीट पर टीएमसी अपना पुराना जलवा नहीं दिखा सकी और कांग्रेस उम्मीदवार बायरन विश्वास ने टीएमसी के नेता देवाशीष बनर्जी को हराकर टीएमसी से इस सीट को छीनते हुए ,पश्चिम बंगाल विधानसभा में कांग्रेस के लिए खाता खोल दिया।

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