बीरेंद्र कुमार झा
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर गुजरात से राज्यसभा चुनाव के निर्वाचित किए गए हैं। इनके साथ ही बीजेपी के दो अन्य प्रत्याशी भी निर्विरोध निर्वाचित किए गए हैं। विदेश मंत्री का राज्य सभा के सदस्य के तौर पर कार्यकाल 18 अगस्त को समाप्त हो रहा है। हालांकि राज्यसभा के चुनाव में बीजेपी के तीनों प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचित होने का कयास पहले से ही लगाया जा रहा था ।इसका कारण है कि कांग्रेस पहले ही अपने प्रत्याशी नहीं उतारने का ऐलान कर चुकी थी। सबसे बड़ी बात है कि गुजरात में राज्यसभा के लिए 24 जुलाई को मतदान की संभावना जाहिर की जा रही थी, लेकिन मतदान होने से पहले ही बीजेपी के तीनों प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित कर दिए गए।
मैदान से क्यों बाहर हुई कांग्रेस
प्राप्त जानकारी के अनुसार 182 सीटों वाली गुजरात विधानसभा में बीजेपी के पास 156 सीटें हैं,जबकि कांग्रेस के पास सिर्फ 17 सीटें हैं। आम आदमी पार्टी के पास 5 विधायक हैं, 1 सीट समाजवादी पार्टी और 3 सीटें निर्दलीयों के पास है। तीनों निर्दलीयों ने पहले ही से सरकार को समर्थन देने की घोषणा कर दी थी। बीजेपी के पास मजबूत संख्या वालों के चलते राज्यसभा चुनाव को सिर्फ औपचारिकता माना जा रहा था ।गुजरात विधानसभा में संख्याबल कम होने की वजह से कांग्रेस राज सभा चुनाव मैदान से बाहर हो गई।
गुजरात से बहुत कुछ सीखने को मिला
अहमदाबाद में 10 जुलाई को को नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद एस जयशंकर ने कहा था की मुझे आशा है कि आने वाले 4 सालों में देश में जो भी प्रगति होगी उसमें भी मैं योगदान कर सकूंगा। मैंने गुजरात से बहुत कुछ सीखा है विदेश मंत्री ने कहा विदेश नीति के क्षेत्र में जो कुछ बदलाव हुए हैं, उसमें जुड़ने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि मैं गुजरात से बहुत कुछ सीखा है l।इसके लिए उन्होंने यहां की जनता और विधायकों का आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि गुजरात को बीजेपी ने एक मॉडल्स्टेट माना है जयशंकर ने देश की प्रगति पर बोलते हुए कहा कि इन परियोजनाओं को केवल यहां नहीं बल्कि विदेशों में भी सराहना मिल रही है।
सभी देशों के साथ भारत के संबंध बेहतर
विदेश नीति और पड़ोसी देशों के बात पर विदेश मंत्री ने कहा कि सभी देशों में प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि नेपाल में ही देखिए वहां कनेक्टिविटी बढ़ी है, व्यापार अच्छे हुए हैं। उन्होंने कहा कि नेपाल के साथ भारत के संबंध काफी अच्छे हैं।उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काफी अच्छा हुआ है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश के साथ भारत के संबंध बेहतर हुए हैं।
