न्यूज़ डेस्क
पहलवानों के समर्थन में आज मुज़फ्फरनगर ने सोरम गांव में किसानो और खापों की महापंचायत आज होने जा रही है। इस महापंचायत में पांच राज्यों के खाप और किसान हजारो की तादात में पहुंच रहे हैं। दिल्ली ,यूपी ,पंजाब ,हरियाणा और राजस्थान के खाप और किसान वहां पहुँच रहे हैं। इस महापंचायत में आगे की रणनीति तय की जाएगी। किसान नेता नरेश टिकैत ने पहलवानों से पांच दिन का समय माँगा था। माना जा रहा है कि इस पंचायत में सरकार के खिलाफ क्या रणनीति अपनाई जाए ताकि पहलवानों को न्याय मिल सके ,इस पर गहन मंथन होगा।
भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता नरेश टिकैत ने बताया कि गुरुवार को मुजफ्फरनगर के सोरम गांव में महापंचायत आयोजित की जाएगी। इसमें रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ डराने-धमकाने और यौन उत्पीड़न के आरोपों पर पहलवानों के विरोध पर चर्चा की जाएगी। साथ ही महापंचायत में यूपी, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली की विभिन्न खापों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य चल रहे पहलवानों के विरोध में आगे की रणनीति तय करना है।
बता दें कि टिकैत की टिप्पणी के एक दिन पहले मंगलवार को साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया सहित देश के शीर्ष पहलवान गंगा नदी में अपने ओलंपिक और विश्व पदक विसर्जित करने सैकड़ों समर्थकों के साथ हरिद्वार पहुंचे थे। हालांकि खाप और किसान नेताओं के मनाने पर उन्होंने पदक विसर्जित नहीं किए थे। महापंचायत के बारे में बात करते हुए इसे जुड़े एक शख्स ने बताया कि इस आयोजन में कम से कम 50 खापों के भाग लेने की उम्मीद है।
दिल्ली में पालम 360 खाप के अध्यक्ष चौधरी सुरेंद्र सोलंकी ने कहा कि पहलवानों ने मंगलवार को अपने पदक विसर्जित करने के लिए एक भावनात्मक निर्णय लिया और उन्हें रोकना हमारा कर्तव्य था। सोलंकी ने कहा कि संघर्ष अभी भी पहलवानों के नेतृत्व में होगा और सभी खाप और किसान संघ उनका समर्थन करेंगे। सोलंकी गुरुवार को मंडली में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि पहलवान इसका हिस्सा नहीं होंगे।

