अतीक अहमद के हत्यारे हनी सिंह के बड़े गैंग से जुड़े तार, 23 साल की उम्र में गया था जेल

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बीरेंद्र कुमार झा

प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद व उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ की हत्या के बाद एक आरोपी सनी का एक बड़े गैंग से कनेक्शन सामने आया है। सनी ने किस तरह से जरायम की दुनिया में कदम रखा और उसकी गैंग के सरगना से कैसे मुलाकात हुई पुलिस की टीम अब इसकी जांच पड़ताल में जुट गई है।

अतीक के हत्यारे शनि की क्राइम कुंडली

पूर्व सांसद और माफिया अतीक अहमद की हत्या के बाद हमीरपुर के कुरारा का रहने वाला सनी उर्फ पुराने का नाम काफी चर्चा में आ गया है। साल 2015 में सनी जब 23 वर्ष का था, उस समय वह गोलीबारी की एक मामले में जेल गया था।साल 2016 में उसने जरायम की दुनिया में कदम रखा।उसके खिलाफ थाना कुरारा में 13 और सदर कोतवाली में 1 मुकदमे दर्ज है। उस पर गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत की कार्यवाही की जा रही है।

2016 में थाना के गेट पर दागी थी गोली

गौरतलब है कि हमीरपुर का रहने वाले सनी सिंह उर्फ पुराने पर 2016 में लूट का मुकदमा दर्ज हुआ था इसे लेकर पुलिस उसकी तलाश करने उसके घर गई थी और इसके परिवार के लोगों की भला – बुरा कहा था। इससे गुस्साए सनी ने 1 दिन बाद थाना के गेट पर हवाई फायरिंग कर दी थी।बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके अगले 2 सालों में सनी हिस्ट्रीशीटर बन गया।

13 महीने कानपुर के जिले में रहा था सनी

सनी को या 30 जनवरी 2020 को हमीरपुर की जेल से कानपुर जेल लाया गया था और 3 अप्रैल 2021 को वहां से जमानत पर रिहा हुआ था। उस वक्त तक उसके खिलाफ हत्या के प्रयास के दो मामले,मादक पदार्थ का एक मामला,धोखाधड़ी का एक मामला, आर्म्स एक्ट का एक मामला और गैंगस्टर एक्ट के तहत एक मामला दर्ज ही चुका था। जेल अधीक्षक डॉ बीडी पांडे के अनुसार शनि 13 माह तक कानपुर की जेल में रहा था। सनी को हमीरपुर की जेल से प्रशासनिक आधार पर कानपुर जेल लाया गया था,लेकिन सनी के हाव भाव यहां भी नहीं बदले थे।यहां भी वह अन्य कैदियों से झगड़ा करता था।

सुंदर भाटी का गुर्गा बनकर पश्चिम में हुआ सक्रिय

वर्ष 2015 में शनि गोलीबारी के मामले में हमीरपुर जेल गया था उन्हीं दिनों नोएडा के बड़े अपराधी सुंदर भाटी को गिरफ्तार कर हमीरपुर जेल भेजा गया था। इस दौरान सनी ने अपराधी सुंदर भाटी से मुलाकात कर नजदीकी बनाई थी। कुछ ही दिनों में सनी ने सुंदर भाटी का भरोसा जीत लिया था और भाटी का खास गूर्गा बन गया था। सुंदर भाटी के माध्यम से सिपहसालार से राज भाटी और शूटर ऋषि पाल से भी उसकी दोस्ती हो गई थी। यह दोनों उन दिनों ललितपुर बांदा जेल में लाए गए थे। यह भी कहा गया है कि शनि की जमानत भी उसके परिवार ने नहीं, बल्कि भाटी के लोगों ने कराई थी।

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