हमास के खिलाफ इजरायल की बड़ी कामयाबी, हवाई हमले के मास्टरमाइंड को किया ढेर

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बीरेंद्र कुमार झा

हमास के खिलाफ जारी युद्ध में इजरायल की सेना को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। आतंकवादी संगठन के एरियल एरिया प्रमुख असेम अबू रकाबा को मौत के घाट उतार दिया है। सेना की ओर से कहा गया है कि आईडीएफ की बीती रात किए गए हमलों में वह मारा गया।रकबा हमास के यूएवी,ड्रोन पाराग्लाइडर,हवाई पहचान और डिफेंस के लिहाज से अहम शख्स था। 7 अक्टूबर को इजरायल में घुसकर नरसंहार जा जो प्लान बनाया गया उसमें भी वह शामिल था। असेम अबू रकवा ने उन आतंकवादियों की कमान संभाली जिन्होंने पैराग्लाइडर के जरिए इजराइल में घुसपैठ की। आईडीएफ की चौकिया पर हुए ड्रोन हमले के लिए भी वह जिम्मेदार था।

इंटरनेट और संचार माध्यमों के बंद होने से गाजा के लोगों की बढ़ी परेशानी

इसराइल ने गाजा पट्टी में इंटरनेट और संचार के साधन बंद कर दिए हैं, जिससे वहां रहने वाले 23 लाख लोगों का आपस में और बाहरी दुनिया से संपर्क कट गया है। इजरायल ने शुक्रवार रात से गाजा पर हवाई और जमीनी हमले भी तेज कर दिए हैं। इजरायली सेना ने कहा कि वह क्षेत्र में जमीनी अभियान व्यापक कर रही है।सेना की यह घोषणा इस बात का संकेत देती है कि वह गाजा पर संपूर्ण आक्रमण के नजदीक पहुंच रही है। उसने गाजा में हमास आतंकियों का पूरी तरह से सफाई करने का प्रण लिया है।

विस्फोट से गाजा सिटी के आसमान में लगातार दिख रही है चमक

इसराइल के हवाई हमले के कारण हुए विस्फोट से गाजा सीटी के आसमान में लगातार चमक दिखाई दे रही है। फिलिस्तीन के टेलीकॉम प्रदाता पालटेन ने कहा है कि बमबारी के कारण इंटरनेट, सेलुलर और लैंडलाइन सेवाएं पूर्ण रूप से बाधित हो गई है। संचार ठप होने का तात्पर्य है कि हमले में लोगों के मारे जाने और जमीनी कार्रवाई के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाएगी। हालांकि क्षेत्र में कुछ सेटेलाइट फोन काम कर रहे हैं।गाजा एक सप्ताह से बिजली नहीं होने से अंधेरे में डूबा हुआ है। फिर इन दिनों लोग भोजन और पेयजल की समस्या से भी जूझ रहे हैं। गाजा के लोग उसे वक्त दहशत में आ गए जब मैसेजिंग एप अचानक बंद होने के कारण परिवारों के साथ उनका संपर्क कट गया और कॉल आने बंद हो गए।

संयुक्त राष्ट्र संघ युद्ध रोकने में रहा विफल

संयुक्त राष्ट्र महासभा में गुरुवार को फिलिस्तीन के राजदूत ने गाजा में जारी युद्ध को लेकर आग्रह किया कि बमबारी रोककर लोगों की जान बचाई जाए। हालांकि इजरायल के राजदूत ने कठोर रुख जारी रखते हुए एक बार फिर से हमास के खात्मे जा दृढ़ संकल्प दुहराया। 7 अक्टूबर को इसराइल पर हुए हमास के हमले के बाद से जारी युद्ध की गूंज 193 देश वाली महासभा के विशाल कक्ष में भी सुनाई दी। युद्ध को रोकने के संयुक्त सुरक्षा परिषद के प्रयास भी विफल रहे हैं।संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत गिलाड एरडन को छोड़कर एक के बाद एक विभिन्न वक्ताओं ने संघर्ष विराम के आह्वान से संबंधित अरब के प्रस्ताव का समर्थन किया। लेकिन एरडन ने कहा कि संघर्ष विराम का मतलब हमास को हथियार जुटाने के लिए समय देना होगा, ताकि वे एक बार फिर से हमारा नरसंहार कर सके।

 

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