बीरेंद्र कुमार झा
एक तो मणिपुर पहले से ही हिंसा की आग में जल रहा है। वहीं दूसरी तरफ अब मणिपुर में म्यांमार की तरफ से हो रही घुसपैठ ने इसकी चिंता और भी बढ़ा दी है।सरकार ने असम राइफल से पूरे मामले की जानकारी मांगी है। खबर है कि जुलाई में 700 से ज्यादा नागरिक बिना सरकारी दस्तावेजों के मामीपुर में प्रवेश कर गए।
अवैध घुसपैठ से आंतरिक और अंतरराष्ट्रीय स्थिति हो सकती है प्रभावित
सीमा पर सुरक्षा के जिम्मेदार असम राइफल्स से 22 और 23 जुलाई को 718 म्यांमार के नागरिकों की आने की जानकारी मांगी गई है। दरअसल राज्य सरकार इस बात को भी लेकर चिंतित है कि भारत आए म्यांमार के लोगअपने साथ हथियार लेकर भी आए हैं या नहीं।असम राइफल्स के सेक्टर 28 की तरफ से जानकारी दी गई थी 718 शरणार्थी सीमा पार कर चंदेल जिले के जरिए मणिपुर में प्रवेश कर गए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राज्य के गृह मंत्रालय की तरफ से निर्देश जारी किए जा चुके हैं जिसमें असम राइफल्स को बगैर दस्तावेज आने वाले में हमार के नागरिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही गई है बयान के अनुसार राज्य सरकार 718 शरणार्थियों की संवेदनशीलता के साथ और गंभीरता के साथ देखती है क्योंकि इससे कानून और व्यवस्था के जारी मुद्दों को देखते हुए इसके अंतरराष्ट्रीय प्रभाव हो सकते हैं ।
वापस भेजने के लिए कहा
मणिपुर सरकार का कहना है कि असम राइफल्स के अधिकारियों से मामले में एक रिपोर्ट भी मांगी गई है।साथ ही नागरिकों को वापस म्यांमार भेजने की भी सलाह दी गई है।इसके अलावा राज्य सरकार की ओर से चंदेल जिला के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को मामले की जानकारी जुटाने और म्यांमार के नागरिकों के बायोमेट्रिक और तस्वीरें देखने के लिए भी कहा गया है।
म्यांमार की महिला की हत्या के वीडियो को मणिपुर की घटना दिखाने का मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार मणिपुर पुलिस ने सोमवार को एक फर्जी खबर के संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज की है।इसे लेकर पुलिस ने बताया कि एक वीडियो जिसमें म्यामार के हथियारबंद लोगों के द्वारा एक महिला की हत्या को दिखाया गया है,उसे मणिपुर की घटना के रूप में वर्णित किया जा रहा है। यह क्लिप दंगा भड़काने के लिए प्रसारित की जा रही है। पुलिस फर्जी खबर फैलाने वालों को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।

