बीरेंद्र कुमार झा
मणिपुर में हिंसा की खौफनाक वारदात लगातार सामने आ रही है। खासकर कुकी-जोमी आदिवासी समुदाय हिंसा का ज्यादा शिकार हुआ है।कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर 2 महिलाओं को निर्वस्त्र करके सड़क पर परेड कराने की घटनाएं सामने आई थी। एक और घटना में बीजेपी विधायक बुंगजागीन वाल्टो पर जानलेवा हमला हुआ। मैतेई समुदाय से जुड़े उपद्रवियों ने उन्हें बुरी तरह पीटा।एक लंबे इलाज कराने के बाद अब वह बेड रेस्ट की स्थिति में है। 28 मई को उपद्रवियों ने स्वतंत्राता सेनानी की पत्नी 80 वर्षीया बुजुर्ग महिला को उसके घर के साथ जिंदा जलाकर मार डाला।उधर संसद में बैठे माननीय पिछले कुछ महीनों से हिंसा की आग में जल रहे मणिपुर का दर्द समझने को तैयार नहीं हैं। हालात यह है कि पिछले 3 दिनों से संसद में मुद्दे पर चर्चा तक नहीं हो पाई। लगातार हंगामे की वजह से 3 दिनों में सदन की कार्यवाही 1 घंटे से ज्यादा नहीं चल पाई।
विधायक को लगाया करंट
मणिपुर के बीजेपी विधायक वुंगजागिन वॉल्टो उपद्रवियों द्वारा करंट लगाए जाने के बाद इलाज के लिए दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती हुए।अभी भी उनका वहीं इलाज चल रहा है।अब उनकी हालत में काफी सुधार हुआ है। उनकी पत्नी माइनु वॉल्टेने उस दर्दनाक घटना को याद करते हुए बताया कि इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया था। बेटा जोसेफ ने कहा कि अगर मेरे पिता, एक विधायक राज्य में सुरक्षित नहीं थे तो आप एक आम आदमी की स्थिति की कल्पना कर सकते हैं ।जोसेफ ने यह भी दावा किया कि इस हमले के पीछे कट्टरपंथी समूह आराम बाई तेंगोल का हाथ था।
अपने पिता पर हुए क्रूर हमले के बारे में बताते हुए जो जोसेफ ने खुलासा किया की उग्रवादियों ने मेरे पिता के सिर पर कई बार तेज वस्तुओं से हमला किया, उनके चेहरे पर भी हमला किया गया जिससे उनके सिर पर काफी गहरे जख्म हो गए।उन्हें बुरी तरह से बिजली का झटका भी दिया गया। हालात यह है कि उन्होंने अपने बोलने की क्षमता और याददाश्त खो दी है।डॉक्टरों का अनुमान है कि उन्हें ठीक होने में 2 महीने से अधिक का समय लगेगा।
अब नहीं लौटेंगे घर
डर और सुरक्षा की चिंताओं के कारण परिवार ने स्थिति में सुधार होने तक इन फॉल नहीं लौटने का फैसला किया है जोसेफ ने बताया कि मैंतेई ने हमें अलग-थलग कर दिया। हमने खुद को अलग नहीं किया है, लेकिन उन्होंने आदिवासियों को वहां से चले जाने के लिए कहा है।
महिलाओं को नग्न घुमाया
या वीभत्सकारी घटना 4 मई की है, जब मैंतेई समुदाय से जुड़ी भीड़ ने कुकी और जोमी आदिवासी महिलाओं को नग्न करके सड़क पर परेड कराया था।हालांकि इसका वीडियो अभी कुछ ही दिन पहले सामने आया था। इस उन्मादी भीड़ पर एक महिला के साथ गैंगरेप करने का भी आरोप है।पीड़ित महिलाओं में एक महिला की उम्र 20 वर्ष और दूसरी महिला की उम्र 40 वर्ष बताई जाती है।पीड़ित पक्ष का आरोप है कि भीड़ ने पहले महिलाओं के परिवार में शामिल दो पुरुष सदस्यों को मार डाला था।महिलाओं ने पुलिस पर उग्रवादियों से मिलीभगत होने का भी आरोप लगाया था।
स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी को जलाया जिंदा
मणिपुर में घटी एक अन्य विभात्सकारी घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।इस घटना में उग्रवादियों ने एक स्वतंत्रता सेनानी की 80 वर्षीया पत्नी को उसके घर के साथ ही जिंदा जलाकर मार डाला यह घटना मणिपुर की राजधानी इंफाल से 80 किलोमीटर दूर हुई थी।28 मई को भीड़ ने महिला को उसके घर के साथ ही आग के हवाले कर दिया था।
जलगांव मणिपुर मामले पर हंगामे की भेंट चढ़ती सदन की कार्यवाही
एक तरफ मणिपुर पिछले 80 दिनों से हिंसा की आग में जल रहा है। 4 मई से शुरू हुई हिंसा में जुलाई महीने तक 140 से ज्यादा लोग अपनी जान गवां चुके हैं, 50 हजार से ज्यादा लोग यहां से पलायन कर चुके हैं। दूसरी तरफ दिल्ली की संसद में सदन की कार्यवाही पिछले 3 दिनों से हंगामे की भेंट चढ़ रही है।देश के माननीय सांसद यह तय ही नहीं कर पा रहे हैं कि मणिपुर के मुद्दे पर किस नियम से चर्चा की जाए,वे यह भी तय नहीं कर पा रहे हैं कि सियासत को साइड में रख कर मणिपुर के भविष्य के लिए संसद की कार्यवाही को आगे बढ़ाया जाए। पिछले 3 दिनों से संसद की कार्यवाही 1 घंटा भी नहीं चल पाई।

