भारत में क्वांटम प्रौद्योगिकी को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है।आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती में Amaravati Quantum Reference Facility (AQRF) का उद्घाटन किया है।यह केंद्र देश का पहला ऐसा प्लैटफॉर्म है जहां क्वांटम हार्डवेयर का परीक्षण, मानकीकरण और प्रमाणन (Testing, Standardization, and Certification) किया जाएगा।
यह परियोजना Amaravati Quantum Valley के तहत विकसित की गई है। इसमें दो प्रमुख लोकेशन हैं-
SRM University, Amaravati (1S): शिक्षा और शोध केंद्र
Medha Towers, Gannavaram (1Q): इंडस्ट्री और स्टार्टअप हब
इस मॉडल में शिक्षा और उद्योग को एक साथ जोड़ा गया है, जो भारत में दुर्लभ है.
AQRF के असर और भविष्य के बारे में बात करें तो यह
स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देगा।हाई-एंड स्किल डेवलपमेंट
ग्लोबल रिसर्च में सहयोग करेगा और
राष्ट्रीय सुरक्षा में तकनीकी मजबूती प्रदान करेगा
अगले 5-10 सालों में अमरावती को भारत का Quantum Innovation Gateway बनाने का लक्ष्य है। जिसके तहत निम्नलिखित कार्य होंगे।
ओपन ऐक्सेस मॉडल: सिर्फ सरकारी लैब्स तक सीमित नहीं, स्टार्टअप्स और छात्रों के लिए भी खुला
85% घटक भारत में निर्मित: प्रॉसेसर, क्रायोजेनिक सिस्टम, एम्प्लीफायर और कंट्रोल इलेक्ट्रॉनिक्स का परीक्षण यहीं होगा
सुपर लैब्स: दवा खोज, क्लाइमेट मॉडलिंग, फाइनेंशियल रिस्क प्रेडिक्शन और सुरक्षित संचार जैसे असंभव कार्यों को संभव बनाने की क्षमता.
अमेरिका, चीन और यूरोप क्वांटम टेक्नोलॉजी में $10-50 बिलियन निवेश कर रहे हैं।भारत का Quantum Mission लगभग ₹6,000 करोड़ का है।AQRF इस दिशा में भारत की शुरुआती ओपन-ऐक्सेस लैब्स में से एक है।
AQRF के असर और भविष्य को निम्नलिखित लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं:-
स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा
हाई-एंड स्किल डेवलपमेंट
ग्लोबल रिसर्च सहयोग
राष्ट्रीय सुरक्षा में तकनीकी मजबूती
अगले 5-10 सालों में अमरावती को भारत का Quantum Innovation Gateway बनाने का लक्ष्य है।

