विदेशों में खालिस्तान समर्थकों की सक्रियता से बढ़ी एनआईए की चुनौती, आईएएसआई भी कर रहा मदद

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बीरेंद्र कुमार झा

विदेशी जमीन पर बढ़ रही खालिस्तान समर्थकों की गतिविधियों से एनआईए की चुनौती बढ़ गई है। अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में खालिस्तान समर्थकों द्वारा दुबारा भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले की जांच के लिए एनआईए की टीम अमेरिका जा सकती है। इससे पहले भी दूतावास के सामने मार्च महीने में हमला हुआ था। एनआईए उसकी जांच कर रही है। लंदन और कनाडा में भी एनआईए की टीम अलग-अलग मामलों की जांच कर रही है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय जांच एजेंसी अलग-अलग देशों में खालिस्तान समर्थकों के हमलों की कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही है।दूसरी तरफ खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा एजेंसियां और एनआईए संबंधित देशों की जांच एजेंसियों से संपर्क बनाए हुए हैं।

खालिस्तान समर्थकों को आईएसआई की मदद

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अमेरिका में ही कई खालीस्तान समर्थक समूह सक्रिय हैं जिन्हें आईएसआई की मदद मिलती है। इसी तरह से कनाडा। और ब्रिटेन में भी में भी खालिस्तान समर्थकों का विस्तार हुआ है।विभिन्न देशों में इनकी बढ़ती सक्रियता और आईएसआई जैसे संगठन से इनका जुड़ाव भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। फिलहाल ताजा घटना सेन फ्रांसिस्को की है जहां भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले हुए।इसके बाद कनाडा और ब्रिटेन में भी भारतीय संस्थानों को खालिस्तान समर्थकों के प्रदर्शन को लेकर सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

सुनियोजित साजिश के संकेत

एक अधिकारी ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया,ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका मैं खालिस्तानी चरमपंथियों द्वारा भारतीय दूतावासों ,प्रवासियों और मंदिरों पर हमले से एक सुनियोजित साजिश के संकेत मिल रहे हैं।एनआईए के सामने इस नेक्सस का खुलासा करने और अपराधियों को चिन्हित कर उन्हें सजा दिलाने की एक बड़ी चुनौती है।खालिस्तान समर्थक विदेशी सरजमी से पंजाब में अलगाववादी ताकतों को फिर से जिंदा करने का प्रयास कर रहे हैं।

पंजाब में अस्थिरता फैलाने की कोशिश

पश्चिमी देशों को अड्डा बनाकर उग्रवादी प्रचार, वित्तीय अनुदान और हिंसक गतिविधियों को तेज कर पंजाब में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे है। खालीस्तान समर्थकों को लेकर भारतीय एजेंसियां पश्चिमी देशों पर पैनी नजर रख रही है।ऐसे तत्वों के नापाक मंसूबों की जानकारी भी समय-समय पर संबंधित देशों से साझा की जा रही है।

 

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