बीरेंद्र कुमार झा
स्वदेशी तकनीक से निर्मित सेमी हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय होते चला जा रहा है।रेलवे बोर्ड इसको शताब्दी के विकल्प के रूप में देश के विभिन्न शहरों के बीच चला रहा है। रेलवे जल्दी ही कम दूरी के वंदे भारत ट्रेन का किराया 5 से 10% तक कम कर सकता है।
भाड़ा को बनाया जायेगा प्रतिस्पर्धी
रेल अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश रेल मार्ग पर बंदे भारत ट्रेन की ऑक्युपेंसी 100% है, लेकिन कई मार्गों पर बंदे भारत ट्रेन क्षमता से कम यात्रियों के साथ भी चल रही है। इसका कारण यह है कि उस रूट पर पहले से ही चल रही शताब्दी ट्रेन का किराया वंदे भारत से कम है।
उदाहरण के लिए नई दिल्ली से देहरादून के बीच चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस की एसी चेयर कार का किराया ₹905 और एक्जीक्यूटिव क्लास का किराया ₹1405 है। इसमें कैटरिंग चार्ज भी शामिल है। शताब्दी एक्सप्रेस यह दूरी 6 घंटे 10 मिनट में तय करती है।वही आनंद विहार से देहरादून की दूरी वंदे भारत ट्रेन 4 घंटे 45 मिनट में तय करती है। इसमें एसी चेयर कार का किराया ₹1065 है और एक्जीक्यूटिव क्लास का किराया ₹1890 है।इसमें कैटरिंग का शुल्क भी शामिल है।
रेलवे वंदे भारत का किराया तर्क संगत बनाने के लिए इसमें कटौती पर विचार कर रहा है । रेलवे अधिकारियों ने बताया कि 200 से 300 किलोमीटर की दूरी वाले बंदे भारत के किराए को तर्कसंगत बनाया जा सकता है।विशेषकर जिस वंदे भारत ट्रेन की ऑक्युपेंसी कम है।इसके अलावा कम दूरी के बीच चलने वाली नई वंदे भारत ट्रेन में भी यह दीया फार्मूला लागू किया जा सकता है। इसके पीछे तर्क यह है है कि जिन रेल मार्गों पर बंदे भारत की भारी मांग है और वंदे भारत ट्रेन हाउसफुल चल रही है उसका किराया यथावत रखा जाएगा और जहां यह कम ऑक्युपेंसी के साथ चल रही है, वहां भाड़ा कम कर इसकी ऑक्युपेंसी को बढ़ाया जाएगा।

