Homeदेशकेंद्रीय कर्मचारियों के डीए में वृद्धि का चुनावी इस्तेमाल

केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में वृद्धि का चुनावी इस्तेमाल

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बीरेंद्र कुमार झा

केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में हुई वृद्धि अब छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव का मुद्दा बन गया है। जी हां !भारतीय जनता पार्टी चुनाव में इसे भुनाने की कोशिश कर रही है। पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू ने कहा कि केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने गेहूं सहित 6 फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाकर और केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में चार फ़ीसदी की वृद्धि करके लोगों को दीपावली का तोहफा दिया है। इसके लिए उन्होंने पीएम मोदी का आभार भी जताया ।उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राखी के त्योहार पर माताओं,बहनों और बेटियों को गैस सिलेंडर की कीमत घटाकर राहत दी थी। पीएम ने अब कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाई है।इसके अलावा पूर्व कृषि मंत्री ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर हमला भी बोला।उन्होंने कहा कि एक तरफ भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार कर्मचारियों को लगातार तोहफे दे रही है ,तो दूसरी तरफ कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने 5 साल तक राजकीय कर्मचारियों का शोषण किया है,उनका उत्पीड़न किया है।

भूपेश बघेल सरकार ने कर्मचारियों को 4000 करोड रुपए का नहीं दिया बकाया

पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू ने कहा कि भूपेश बघेल के राज में सरकारी कर्मचारियों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं ।उन्होंने मंगाई भत्ते के लिए राजकीय कर्मचारियों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर किया। जब बीजेपी ने कर्मचारियों के हक में दबाव बनाया,तब भूपेश बघेल ने मजबूरी में अपनी जेब खोली और डीए बढ़ाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बघेल सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के 4000 करोड रुपए का बकाया उन्हें नहीं दिया।इसकी मांग को लेकर जब कर्मचारियों प्रदर्शन करते, तो सरकार कह देती की हमारी हैसियत नहीं है कि हम इतने पैसे का भुगतान कर सकें।कांग्रेस सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल में सरकारी कर्मचारियों के साथ धोखेबाजी की।इन्होंनेअनियमित कर्मचारियों को ठगा और उन पर अत्याचार भी किया।

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार ने पूरे नहीं किए अपने वादे

पूर्व कृषि मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने वर्ष 2018 के अपने जन घोषणा पत्र में प्रदेश में 10 दिनों के अंदर अनियमित दैनिक वेतन भोगी एवं संविदा कर्मियों को नियमित करने का वादा किया था।सरकार का पूरा कार्यकाल निकल गया।चुनाव की घोषणा हो गई, लेकिन अभी तक यह सत्यापित नहीं हो पाया कि किन कर्मचारियों को अनियमित कर्मचारी माना जाएगा। चंद्रशेखर साहू ने कहा कर्मचारी अपने हक के लिए विरोध सभा,धरना, आंदोलन करते थे ,तो सरकार सत्ता का दुरुपयोग करते हुए कर्मचारियों पर झूठे मुकदमे करके उन्हें जेल भेज देती थी। कांग्रेस सरकार यह नहीं चाहती है कि उसके खिलाफ कोई आवाज़ उठाए। कर्मचारी संघ ने अपने हक की आवाज बुलंद की तो प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने पुलिस को उनके आंदोलन को कुचलने के लिए भेज दिया।

 

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