चंद्रयान-3 अगर चांद पर सही ढंग से लैंड नहीं कर पाया, तो इसरो ने तैयार कर रखा है प्लान बी

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बीरेंद्र कुमार झा

चंद्रयान-3 अपने चांद मिशन पर लगातार आगे बढ़ रहा है। यह चांद के हाईवे यानि ऑर्बिट से होते हुए चांद के करीब पहुंच रहा है।इसरो ने उम्मीद जताई है कि 23 अगस्त को चंद्रयान- 3 इस मिशन को पूरा कर लेगा। इसरो ने 5 अगस्त 2023 को चंद्रयान- 3 को चंद्रमा के ऑर्बिट में पहुंचा दिया है। अब चंद्रयान- 3 1900 किलोमीटर प्रति सेकंड की गति से चांद की चारों तरफ यात्रा कर रहा है।ऑर्बिट में पहुंचने के बाद चंद्रयान-3 की मदद से चांद की ली गई कुछ तस्वीरें भी इसरो को भेजी गई है।इसरो के अध्यक्ष सोमनाथ का कहना है कि चंद्रयान-3 पूरी तरह से सुरक्षित है और उम्मीद के मुताबिक आगे बढ़ रहा है। अगर चांद पर लैंडिंग के वक्त किसी भी तरह की कोई दिक्कत आती है तो हमारे पास प्लान बी भी तैयार हैं।

चंद्रयान–3 अपनी सफलता की तरफ लगातार आगे बढ़ रहा है। इसरो अध्यक्ष सोमनाथ ने दिल्ली में एक बयान में कहा कि चंद्रयान – 3उम्मीद के मुताबिक आगे बढ़ रहा है और यह पूरी तरह सुरक्षित है।अगर लैंडिंग के वक्त किसी भी तकनीकी कठिनाई उत्पन्न होती है तो ऐसी स्थिति में लैंडिंग करने का एक और मौका देने के लिए वैकल्पिक योजना बनाई गई है।हमारा प्रयास किया है जिस स्थान पर लैंडिंग की योजना बनाई गई है, लैंडिंग उसी जगह पर हो।

स्टेप वाइज आगे बढ़ रहा चंद्रयान- 3

इसरो अध्यक्ष सोमनाथ ने कहा कि चंद्रमा के चारों ओर अंतरिक्ष यान की गति कम करके उसकी कक्षा को कम किया जा रहा है। चंद्रयान-3 ने 6 अगस्त को एक 170 किलोमीटर * 4313 किलोमीटर वाली कक्षा में प्रवेश किया था। इसे 9 अगस्त को एक 100 *100 किलोमीटर की कक्षा में उतारा जाएगा। उसके बाद 100*30 किलोमीटर की कक्षा में उतरने और 23 अगस्त को 5:47बजे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की सतह पर एक निश्चित स्थान पर लैंडिंग की जाएगी।

इसरो ने भेजी चांद की तस्वीरें

चंद्रयान-3 से चांद की कुछ तस्वीरें भी ली गई है। हर तस्वीर में बाएं तरफ गोल्डन रंग का एक यंत्र दिख रहा है ।यह चंद्रयान-3 का सोलर पैनल है ।तस्वीर में सामने चंद्रमा की सतह और उसके गड्ढे को देखा जा सकता है। हर तस्वीर में यह बढ़ता ही जा रहा है।

बड़ी उपलब्धि की ओर बढ़ रहा भारत

चंद्रयान-3 की स्वीकृत लागत 250 करोड़ों रुपए हैं।चंद्रमा की कक्षा तक óपहुंचने में इसे 14 जुलाई की लॉन्च तिथि से लगभग 33 दिन लगने की उम्मीद है। चंद्रमा की सतह पर सफल शॉफ्ट लैडिंग से भारत इतनी महत्वपूर्ण तकनीकी क्षमता हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा।गौरतलब है कि चंद्रयान – 3 को 14 जुलाई को 14:35 बजे सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र शार से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया था।

 

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