भारत- मालदीव विवाद के बीच मालदीप में भारतीय उच्च आयोग के अधिकारियों ने माले में 14 जनवरी को विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की। यह बातचीत मालदीव के विदेश मंत्रालय के मुख्यालय में हुई।राष्ट्रपति मुइज्जू के रणनीतिक संचार कार्यालय के मंत्री इब्राहिम खलील ने इस बाबत स्थानीय अखबार सनऑनलाइन को बताया कि बैठक उच्च स्तरीय कोर समूह के स्तर की थी। इस बीच सनऑनलाइन की रिपोर्ट में बताया गया कि विभिन्न सैन्य समझौता के तहत भारत सरकार वहां से मिलिट्री को हटाने की प्रक्रिया तेज करने पर राजी हो गई है।
मोदी -मुइज्जू के बीच हुई वार्ता में में कोर समूह गठन की बनी थी सहमति
राष्ट्रपति मुइज्जू के रणनीतिक संचार कार्यालय के मंत्री इब्राहिम खलील ने बताया कि दिसंबर 2023 में दुबई में हुए कॉप 28 सम्मेलन में मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मुलाकात हुई थी। उस दौरान ही मालदीव और भारत ने मालदीव से भारतीय सैनिक को वापस लाने के एक कोर समूह गठित करने पर सहमति जताई थी। हालांकि इस बैठक की तुरंत बाद ही मालदीव ने भारत से हिंदुस्तानी सैनिकों के 15 मार्च तक जाने की बात कह दी ।इसके अलावा बैठक के दौरान मालदीव के अधिकारियों ने भारत के साथ 100 से अधिक द्विपक्षीय समझौते की भी समीक्षा की।
कितने भारतीय सैनिक है मालदीव में
सरकारी आंकड़ों के अनुसार मालदीव में इस समय 88 भारतीय सैनिक हैं। इसके साथ ही मालदीव में हेलीकॉप्टर के मैनेजमेंट के लिए 24 भारतीय सैन्य कर्मी,डोर्नियर विमान के मैनेजमेंट के लिए 25 सैन्यकर्मी,दूसरे हेलीकॉप्टर का प्रबंधन के लिए 26 भारतीय और रखरखाव समेत इंजीनियरिंग के लिए दो अन्य भारतीय कर्मी मौजूद है।
चीन से रिश्ता मजबूत करने की कोशिश में जुटा है मालदीव
भारतीय सैन्य कर्मियों की वापसी पर चर्चा मुइज्जू सरकार के तीन मंत्रियों की तरफ से पीएम मोदी के खिलाफ पोस्ट की गई अपमानजनक टिप्पणियों के बाद शुरू हुई थी, जबकि हाल ही में संपन्न चीन की राजकीय यात्रा से लौटने के बाद मुइज्जू ने ड्रैगन के साथ रिश्ते मजबूत करने की कोशिश की थी। चीन के अपने इस अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान मालदीप के राष्ट्रपति मुइज्जू ने चीन के साथ 20 अन्य अहम सम्मझौते पर भी साइन किए

