बीरेंद्र कुमार झा
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका में खालिस्तानी आतंकवादी की हत्या की साजिश रचने के आरोप में दोषी ठहराए गए, भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता केस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अरिंदम बागची ने कहा है कि हमारी ऐसी कोई पॉलिसी नहीं है। यह गंभीर चिंता का विषय है।प्रेस कांफ्रेंस के दौरान प्रवक्ता ने कहा कि जैसा कि हमने पहले भी कहा है कि द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग पर अमेरिका के साथ चर्चा के दौरान अमेरिकी पक्ष ने संगठित अपराधियों और आतंकवादियों के बीच सांठ- गांठ से संबंधित कुछ इनपुट साझा किया है। हम ऐसे इनपुट को बहुत गंभीरता से लेते हैं।
रिपोर्ट की जांच के लिए बनी उच्चस्तरीय समिति
विदेश मंत्रालय का कहना है की सभी पहलुओं पर गौर करने के लिए उच्च स्तरीय जांच समिति की स्थापना की गई है।समिति के निष्कर्ष पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी ।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि हम ऐसे सुरक्षा मामलों के बारे में कोई और जानकारी साझा नहीं कर सकते हैं।
मामला एक गंभीर मुद्दा
प्रवक्ता ने कहा कि जहां तक एक व्यक्ति के खिलाफ अमेरिकी अदालत में कथित तौर पर उसे एक भारतीय अधिकारी से जोड़ने का मामला दर्ज किया गया है यह चिंता का विषय है।हमने कहा है, और मैं दोहराना चाहता हूं की यह सरकारी नीति के भी विपरीत है। प्रवक्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध,तस्करी, बंदूक चलाने और चरमपंथियों के बीच शांठ- गांठ कानून प्रवर्तन एजेंसियों और संगठनों के लिए विचार करने के लिए एक गंभीर मुद्दा है।
कनाडा वियना कन्वेंशन के तहत दायित्व करे पूरा
कनाडा मुद्दे पर विदेश मंत्रालय ने कहा कनाडा ने लगातार भारत विरोधी चरमपंथियों को जगह दी है। यही इस मुद्दे का मूल है प्रवक्ता ने कहा कि कनाडा में हमारे राजनीतिकों को इसका खामयाजा पड़ा रहा है।इसलिए हम उम्मीद करते हैं कि कनाडा सरकार वियना कन्वेंशन के तहत अपने दायित्वों को पूरा करेगी।