- बीरेंद्र कुमार झा
तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों के साथ कथित तौर पर मारपीट और हिंसा की घटनाओं की जांच के लिए बिहार सरकार के चार वरिष्ठ अधिकारी चेन्नई पहुंच गए हैं। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव बाला मुरूगन डी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने चेन्नई की डीएम अमृता ज्योति के साथ बैठक की। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर स्थिति का जायजा लिया। उधर तमिलनाडु के एम के स्टालिन के मुख्यमंत्रित्व वाली सरकार ने एक बार फिर भरोसा दिया है कि बिहार के कामगारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
तमिलनाडु में बिहारियों और वहां के अधिकारियों से मिलेंगे जांच दल के सदस्य
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के डीजीपी और मुख्य सचिव को अधिकारियों के एक दल को तमिलनाडु भेजने का निर्देश दिया था। उनके निर्देश पर जिन अधिकारियों को तमिलनाडु भेजा गया है, उनमें ग्रामीण विकास विभाग के सचिव बाला मुरुगन डी, सीआईडी के आईजी पी कन्नन, श्रम विभाग के आयुक्त आलोक कुमार और एसटीएफ के एसपी संतोष कुमार शामिल हैं।
तमिलनाडु में बिहारियों के साथ ही रहे दुर्व्यवहार को लेकर नीतीश कुमार ने कहा कि हमने अधिकारियों के दल को तमिलनाडु भेज दिया है। टीम के सदस्य तमिलनाडु में बिहार के लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं को जानेंगे। साथ ही वे स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर मामले का समाधान भी करवाएंगे। वरीय अधिकारियों का यह दल तमिलनाडु के तिरुपुर भी जाएगा और वहां रहने वाले बिहारी के निवासियों, श्रम विभाग के पदाधिकारियों, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और अन्य पदाधिकारियों से बातचीत कर वस्तुस्थिति की जानकारी लेगा। इस क्रम में बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा तमिलनाडु के अपर पुलिस महानिदेशक, विधि व्यवस्था के आयुक्त, कोयंबटूर उत्तरी प्रक्षेत्र के आईजी, तमिलनाडु के अन्य पुलिस पदाधिकारी, प्रशासनिक पदाधिकारियों एवं प्रवासी बिहार के लोगों से आवश्यक बातचीत की जा रही है ।
तमिलनाडु सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो को बताया फर्जी
पिछले दिनों सोशल मीडिया पर तिरुपुर रेलवे ट्रैक पर एक मजदूर का शव दिखा जा रहा रहा था। इस शव के बारे में बताया जा रहा था कि यह शव उस बिहारी मजदूर की है जिसे स्थानीय लोगों ने मारकर तिरुपुर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने एक बयान जारी कर कहा कि उन्होंने बिहार के अपने समकक्ष नीतीश कुमार से इस बारे में बातचीत की है।जो भी खबरें सोशल मीडिया पर चल रही हैं, वह पूरी तरह से फर्जी है सभी कामगार हमारे अपने हैं। तमिलनाडु के श्रम कल्याण और कौशल विकास मंत्री सीवी गणेशन ने भी बयान जारी कर कहा है कि सोशल मीडिया पर दुर्भाग्यपूर्ण खबरें फैलाई जा रही है। इसमें सच्चाई नहीं है।
