पीएम आवास पर प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार को घेरा

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21 जुलाई को लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने छात्रों के मुद्दे को लेकर पीएम आवास के पास धरना दिया। इसके अगले दिन यानी बुधवार (22 जुलाई) को राहुल गांधी ने दिल्ली के इंदिरा भवन में इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षाबलों की ओर से छात्रों पर किए गए लाठी चार्ज का मुद्दा उठाया। वहीं, राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले 10 साल में 152 पेपर लीक हुए हैं।
दरअसल, राहुल गांधी ने बुधवार को दावा किया कि भारत की शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है और सुधार के लिए सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है। इससे पहले मंगलवार को राहुल गांधी ने दिल्ली में पीएम आवास के पास धरना दिया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा था।

राहुल गांधी ने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि सवाल यह है कि हमारे छात्रों के साथ ऐसा क्यों हो रहा है? आखिर हमारे छात्रों ने क्या किया है कि सुरक्षा बल उन पर हथियार ताने खड़े हैं?उन्होंने क्या गलत किया है? वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं, अपनी मांगें रख रहे हैं, और वे वही मांग रहे हैं जो यह देश उन्हें देने का हकदार है।

उन्होंने आगे कहा कि वे बस यही कह रहे हैं कि देश के छात्र होने के नाते, हम एक ऐसे शिक्षा प्रणाली के हकदार हैं जो निष्पक्ष हो। बच्चों ने आत्महत्या तक कर ली है।हमारे छात्र बहुत ज़्यादा तनाव से गुज़रते हैं और आखिर में उन्हें पता चलता है कि पेपर लीक हो गया है।

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के सामने तीन मांगे रखी हैं, जिसमें पहला धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो और उन्हें पद से हटाया जाए।

दूसरी मांग यह है कि जिन लोगों ने हमारे छात्रों पर उंगली उठाई, उन सभी को जवाबदेह ठहराया जाए।

तीसरी मांग है कि जो व्यक्ति इस पूरे सिस्टम को चला रहा है, उसमें इतनी शालीनता होनी चाहिए कि वह जो कुछ हुआ है,उसके लिए छात्रों से माफी मांगे।

एक बात जो सभी को साफ पता है, वह यह है कि हमारा एजुकेशन सिस्टम, जिसे दुनिया के सबसे अच्छे एजुकेशन सिस्टम में से एक माना जाता था। आज एक धांधली वाला सिस्टम बन गया है।हम यह जानते हैं कि पिछले दशक में 152 बार पेपर लीक हुए हैं।अगर आप हिसाब लगाएं, तो लगभग हर महीने एक पेपर लीक हुआ है। हर महीने, लाखों छात्रों से कहा जाता है कि जिस तनाव से वे गुज़रे हैं, उससे उन्हें फिर से गुज़रना होगा।

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