Bihar News: बिहार में फार्मर रजिस्ट्री के दूसरे चरण की शुरुआत, अब हर किसान को मिलेगी यूनिक Farmer ID

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Bihar News: बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सोमवार को बिहार में फार्मर रजिस्ट्री अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत करते हुए बड़ा ऐलान किया कि राज्य के सभी किसानों की Farmer ID बनाना सरकार का संकल्प है। पटना के कृषि भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में फुलवारीशरीफ प्रखंड के किसानों की Farmer ID बनाकर अभियान की औपचारिक शुरुआत की गई।

इस मौके पर मंत्री ने किसानों को Farmer ID कार्ड भी सौंपे और कहा कि यह सिर्फ एक नंबर नहीं बल्कि किसानों का डिजिटल पहचान पत्र है, जिससे खाद, बीज, कृषि ऋण और फसल सहायता जैसी सभी सरकारी सुविधाएं सीधे किसानों के खाते तक पहुंचेंगी।

Bihar Farmer ID: अब बिचौलियों की छुट्टी, सरकार सीधे किसानों से जुड़ेगी

कृषि मंत्री ने कहा कि “एग्री स्टैक” किसानों और सरकार के बीच मजबूत डिजिटल सेतु का काम करेगा। इससे योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के Digital India विजन के तहत यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार कृषि रोड मैप के जरिए किसानों की खुशहाली को प्राथमिकता दे रही है और अब राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के साथ तालमेल से इस मिशन को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

Bihar Farmer Registry Data: अब तक 47 लाख किसानों की बनी Farmer ID

कार्यक्रम में मंत्री ने बताया कि बिहार में कुल 4 करोड़ 54 लाख जमाबंदी कायम है। कृषि विभाग के पोर्टल पर अब तक 88 लाख 40 हजार किसानों का e-KYC पूरा किया जा चुका है, जिनमें से 47 लाख 85 हजार किसानों की Farmer ID तैयार हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि अभी 40 लाख 54 हजार किसानों की Farmer ID बननी बाकी है और सरकार का लक्ष्य है कि राज्य का कोई भी किसान इस डिजिटल डेटाबेस से बाहर न रहे।

मंत्री ने यह भी बताया कि पहले चरण में बिहार ने 55 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य हासिल कर देशभर में रिकॉर्ड बनाया है। इसी उपलब्धि के कारण भारत सरकार से बिहार को 269 करोड़ 88 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मिली है।

PM-Kisan Beneficiaries को मिलेगा बड़ा फायदा

सरकार के अनुसार PM-Kisan योजना से जुड़े 23 लाख 79 हजार किसानों की Farmer ID पहले ही बन चुकी है। अब Farmer Registry पूरी होने के बाद किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

“अब जमीन परिमार्जन खुद-ब-खुद होगा” : मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत

Pratyay Amrit ने कहा कि Farmer Registry का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और किसानों को डिजिटल सुविधा देना है। उन्होंने कहा कि Farmer ID बनने के बाद किसानों की जमीन का परिमार्जन ऑटोमैटिक तरीके से हो सकेगा और किसानों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से किसानों को रियल टाइम खेती से जुड़ी जानकारी भी मिलेगी।

UPI की तरह बदल देगा खेती का सिस्टम: कृषि विभाग

Narmdeshwar Lal ने कहा कि Farmer Registry सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। उन्होंने UPI का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह शुरुआत में लोग UPI को नहीं समझ पाए थे, उसी तरह Farmer ID का महत्व भी आने वाले समय में साफ दिखाई देगा।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे जल्द से जल्द Farmer ID बनवाएं ताकि कृषि विभाग की योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।

कार्यक्रम में कई बड़े अधिकारी रहे मौजूद

इस कार्यक्रम में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव Jai Singh, कृषि निदेशक Saurabh Suman Yadav, निदेशक उद्यान Abhishek Kumar समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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