Bihar News: बिहार में मानसून से पहले बाढ़ सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। इसी बीच सोमवार को डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने जल संसाधन विभाग के सचिव के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया। सिंचाई भवन स्थित कार्यालय में कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ बड़ी बैठक की और साफ कहा कि राज्य को बाढ़ से सुरक्षित रखना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
पदभार ग्रहण के दौरान विभाग के अभियंता प्रमुख ब्रजेश मोहन, वरुण कुमार और अनवर जमील समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
“मानसून से पहले पूरे करें सभी Flood Protection Works”
कार्यभार संभालते ही डॉ. चन्द्रशेखर सिंह एक्शन मोड में दिखे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून शुरू होने से पहले सभी बाढ़ संघर्षात्मक और सुरक्षात्मक कार्य हर हाल में समयसीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएं।
उन्होंने खास तौर पर तटबंधों की नियमित निगरानी और निरीक्षण पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग को हर स्थिति के लिए पहले से तैयार रहना होगा ताकि बारिश के दौरान लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
खुद करेंगे Flood Affected Areas का दौरा
नए सचिव ने स्पष्ट कहा कि वह खुद बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों का लगातार दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर हालात की समीक्षा कर समस्याओं का त्वरित और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
डॉ. सिंह ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र से शिकायत या समस्या सामने आती है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।

विभागीय अधिकारियों को दिया सख्त संदेश
बैठक के दौरान डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को अनुशासन और जवाबदेही का भी संदेश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी समय पर कार्यालय पहुंचें और किसी भी कार्य को अनावश्यक रूप से लंबित न रखें।
उन्होंने कहा कि टीम भावना और बेहतर समन्वय के साथ ही विभाग अपने लक्ष्यों को समय पर पूरा कर सकता है।
बिहार में Flood Management को लेकर बढ़ी तैयारी
बिहार हर साल बाढ़ की गंभीर समस्या से जूझता है। ऐसे में मानसून से पहले जल संसाधन विभाग की सक्रियता को काफी अहम माना जा रहा है। नए सचिव के सख्त निर्देशों के बाद अब विभागीय तैयारियों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकार का फोकस इस बार तटबंधों की निगरानी, बाढ़ सुरक्षा कार्यों की गुणवत्ता और संवेदनशील इलाकों में त्वरित कार्रवाई पर रहेगा।

