न्यूज़ डेस्क
तुर्किये और सीरिया में आये भूकंप के 11 दिन बीत गए हैं लेकिन अभी भी मौत का सिलसिला जारी है। मलबे को हटाते ही लाशें निकलने लगती है। अभी तक 42 हजार से ज्यादा लोगो की मौत हो चुकी है। आंकड़ों के मुताबिक़ तुर्किये में अब तक 36 हजार से ज्यादा मौत हुई है जबकि सीरिया में मरने वालो की संख्या 6 हजार से ज्यादा हो गई है। दोनों देशो में बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाये जा रहे हैं। अब तक 95 देशो ने मदद की पहल की है। उधर , यूनाइटेड नेशंस ने तुर्किये के लोगों के लिए एक अरब डॉलर जुटाने के लिए मानवीय अपील की है।दोनों देशों में अब भी राहत ओर बचाव कार्य जारी है। दोनों देशों में दुनियाभर से मदद भेजी जा रही है। तुर्किये की डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी ने बताया है कि बचाव कार्य को पूरा करने में 1 लाख से ज्यादा बचाव कर्मी हिस्सा लेंगे। इस बीच तुर्की पुलिस ने सोशल मीडिया पर भूकंप के बारे में भड़काऊ पोस्ट साझा करके डर और दहशत पैदा करने के आरोप में 78 लोगों को गिरफ्तार किया है।
तुर्किये और सीरिया में रेस्क्यू ऑपरेशन में कई देश शामिल हैं। अब भी लोगों को मलबे के नीचे से निकाला जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि 8 से 9 दिन बाद भी कई लोग जिंदा मिल रहे हैं। तुर्किये के हताय प्रांत में 26 साल की महिला को 201 घंटे बाद बचाया गया। इधर, अदीयमन शहर में 199 घंटे बाद 18 साल के युवक को रेस्क्यू किया गया।
कई देश सीरिया बॉर्डर पर रेस्क्यू ऑपरेशन छोड़कर वापस लौट रहे हैं। रविवार को इजराइल ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपनी टीम हतजाला ग्रुप को इमरजेंसी फ्लाइट से वापस बुला लिया। इससे पहले जर्मनी और ऑस्ट्रिया ने भी अपने बचाव दलों के तुर्किये से निकाल लिया था।
दरअसल, इजराइल समेत कई देशों की इंटेलिजेंस एजेंसी को इनपुट मिला है कि तुर्किये बॉर्डर पर अलग-अलग गुटों में हिंसक झड़प होने वाली हैं। जिनसे वहां पहुंचे बचाव कर्मियों की जान को खतरा है। जर्मनी के बचाव दल ने भी बताया कि वहां गोलीबारी हो रही है। वहीं तुर्किये के कहरामनमारस में रविवार देर रात 4.7 की तीव्रता का एक और भूकंप का झटका महसूस किया गया। तुर्किये में 6 फरवरी को आए भूकंप के बाद लगातार आफ्टरशॉक आ रहे हैं जिनसे लोग परेशान हैं।

