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5 राज्यों के 6 विधान सभा क्षेत्र के उपचुनाव के नतीजे में कांग्रेस और बीजेपी के बीच टाई

Published on

  • बीरेंद्र कुमार झा

पूर्वोत्तर के राज्य त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड विधानसभा चुनाव के परिणाम के साथ ही, आज देश के 5 राज्यों की 6 विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव के नतीजे भी सामने आ गए हैं। इस उपचुनाव के लिए महाराष्ट्र में 26 फरवरी को वोट डाले गए थे, जबकि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और झारखंड में 27 फरवरी को मतदान हुआ था ।अरुणाचल प्रदेश के लुमला सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार ने निर्विरोध चुनाव जीता था। पांच राज्यों में हुए 6 विधानसभा सीटों के लिए इस उपचुनाव में अगर राजनीतिक दलों को मिली जीत के लिहाज से देखा जाए तो इसमें बीजेपी और कांग्रेस के बीच टाई हो गई है, यानी दोनों ही ने बराबर बराबर सीटें प्राप्त की हैं।इस उपचुनाव में कांग्रेस को 3 विधानसभा क्षेत्रों में सफलता मिली है, तो वही बीजेपी को भी अपने गठबंधन के साथ 3 सीटों पर चुनाव जीतने में सफलता मिली है।

महाराष्ट्र में एक सीट कांग्रेस तो एक सीट बी जे पी को

महाराष्ट्र में 2 विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव हुआ है। इसमें से एक् कस्बा पेठ विधानसभा का है जहां हुए उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार रविंद्र धंगेकर ने जीत दर्ज की। इस सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता था। लेकिन बीजेपी इस उपचुनाव में अपने इस गढ़ को बचाने में नाकामयाब रहे यहां से उसके उम्मीदवार हेमंत रचाने को हार का सामना करना पड़ा कस्बा पेठ सीट पर बीजेपी लगातार 28 साल से जीत दर्ज करती आई थी पुणे से मौजूदा बीजेपी सांसद गिरीश बापट 2019 तक 5 बार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया था राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी कांग्रेस, कांग्रेस पार्टी,और शिव सेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) के गठबंधन महा विकास आघाडी के समर्थन वाले उम्मीदवार रविंद्र धानगेकर ने बीजेपी के गढ़ में सेंध लगाने में कामयाबी हासिल की। उन्होंने बीजेपी के उम्मीदवार हेमंत बसाने को इस उपचुनाव में हरा दिया।

वहीं महाराष्ट्र के चिंचवाड़ विधानसभा के उपचुनाव में बीजेपी ने पूर्व विधायक लक्ष्मण जगताप की पत्नी अश्विनी जगताप को चुनाव मैदान में उतारा था, जबकि एनसीपी ने नाना काटे को इस चुनाव में उतारा था, इसके अलावा एक निर्दलीय उम्मीदवार राहुल कलाते भी इस चुनाव में खड़ा था जिस कारण यह चुनाव त्रिकोणीय हो गया था इन तीनों उम्मीदवारों के बीच हुए कांटे के मुकाबले की वजह से यहां के चुनाव परिणाम में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया, लेकिन अंत में बीजेपी के उम्मीदवार अश्विनी जगताप ने चुनाव जीतने में सफलता हासिल की।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में खुला कांग्रेस का खाता

कांग्रेस के उम्मीदवार बायरन विश्वास ने पश्चिम बंगाल की सागर्दिघी विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में सफलता प्राप्त की है।इन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी को हराकर यह सफलता प्राप्त की है ।इसके साथ ही वे मौजूदा पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए निर्वाचित होने वाले कांग्रेस के पहले विधायक बन गए हैं। 2001 ईस्वी में पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया था।इसके बाद यह पहला अवसर है, जब बायरन विश्वास को मिली जीत की वजह से पश्चिम बंगाल विधानसभा में कांग्रेस के लिए कम से कम 1 सीट उपलब्ध हो जाएगी और यह विधानसभा के कार्यों में प्रत्यक्ष तौर पर अपनी भागीदारी कर पाएगी।

तमिलनाडु में कांग्रेस को मिली जीत

तमिलनाडु के इरोड पूर्व सीट पर हुए विधानसभा के इस उपचुनाव में कांग्रेस ने AIADMK के उम्मीदवार को हराकर इस सीट को अपने पास बरकरार रखने में सफलता प्राप्त की। तमिलनाडु की इरोड पूर्व सीट पर इस बार 77 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतर कर अपना भाग्य आजमा रहे थे। इस उपचुनाव में DMK समर्थित कांग्रेस उम्मीदवार EVKS एलांगोवन और AIADMK के K S थानाराशु के बीच कड़ा मुकाबला था,लेकिन अंत में जीत कांग्रेस के EVKS एलांगोवन की हुई। इस सीट पर इलांगोवन के बेटे और कांग्रेस विधायक E थिरुमहान एवरा निधन की वजह से चुनाव हुआ था।

अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी प्रत्याशी ने निर्विरोध जीता उपचुनाव

अरुणाचल प्रदेश में लुमला में उपचुनाव हो रहा था। भारत – चीन सीमा पर तवांग जिले में स्थित इस लुमला सीट पर बीजेपी के विधायक जंबे ताशी के निधन की वजह से उपचुनाव हुआ था। बीजेपी ने यहां से पूर्व विधायक जंबे ताशी की पत्नी शेरिंग हामू को चुनाव मैदान में उतारा था ।इस उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी शेरिंग हामू के अलावा और किसी ने नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया था। ऐसे में ये एकमात्र प्रत्याशी थी ।इस वजह से उन्होंने इस उपचुनाव में निर्विरोध जीत दर्ज कर ली है।

झारखंड के रामगढ़ में बीजेपी समर्थित एजेएसयू उम्मीदवार की हुई जीत

झारखंड के रामगढ़ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी की सहयोगी पार्टी एजेएसयू की सुनीता चौधरी ने जीत दर्ज की है। उपचुनाव में एजेएसयू ने बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था जबकि इनका मुकाबला सत्ताधारी महागठबंधन के प्रमुख घटक कांग्रेस के साथ था जिन्हें जे एम एम और आरजेडी का समर्थन प्राप्त था। इस उपचुनाव में बीजेपी समर्थित एजेएसयू की उम्मीदवार सुनीता चौधरी ने कांग्रेस के पूर्व विधायक ममता देवी के पति और कांग्रेस उम्मीदवार बजरंग महतो को हराकर 21970 मतों के अंतर से जीत लिया। कांग्रेस विधायक ममता देवी को आपराधिक मामले में दोष सिद्ध होने पर विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराए जाने के बाद यह चुनाव कराया गया था।

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