पटना: बिहार सरकार कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिहार कृषि स्टार्टअप नीति के तहत नवाचार और एग्री-टेक को बढ़ावा दिया जाए तथा राज्य के विशिष्ट कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नई पहचान दिलाने के लिए ठोस रणनीति तैयार की जाए।
लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में आयोजित बैठक में कृषि उत्पादन, बागवानी विकास, कृषि यंत्रीकरण, अनुसंधान, प्रसंस्करण और किसानों की आय वृद्धि से जुड़ी योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
आम, केला और शहद उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार पहले से ही कई कृषि और बागवानी उत्पादों के लिए देशभर में पहचान रखता है। ऐसे में आम, केला और शहद के उत्पादन को और बढ़ाने के लिए तेजी से काम करने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जाएं ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके।
उन्होंने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) और विपणन (मार्केटिंग) की बेहतर व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
कृषि स्टार्टअप और नई तकनीकों को मिलेगा बढ़ावा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप संस्कृति और नई तकनीकों को बढ़ावा देना समय की जरूरत है। बिहार कृषि स्टार्टअप नीति के माध्यम से युवाओं, उद्यमियों और कृषि विशेषज्ञों को नवाचार आधारित समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से खेती को अधिक उत्पादक, लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है।
गांव-गांव तक पहुंचेगी कृषि सलाह और तकनीकी मार्गदर्शन
मुख्यमंत्री ने कृषि विस्तार सेवाओं को ग्राम स्तर तक मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर तकनीकी सलाह, प्रशिक्षण और नई कृषि तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्रों और अन्य कृषि संस्थानों की भूमिका को और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया गया, ताकि वैज्ञानिक खेती से जुड़े नवीनतम प्रयोगों और तकनीकों का लाभ किसानों तक पहुंच सके।
विशेष फसलों के लिए क्लस्टर मॉडल अपनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में किसी विशेष फसल की अधिक संभावनाएं हैं, वहां क्लस्टर आधारित विकास मॉडल लागू किया जाए। इससे उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन की पूरी श्रृंखला को मजबूत किया जा सकेगा और किसानों को बेहतर लाभ मिलेगा।
बिहार के उत्पादों को मिलेगी राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान
बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बिहार के विशिष्ट कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थापित करने के लिए एक समेकित रणनीति तैयार की जाए। इससे राज्य के कृषि उत्पादों की ब्रांडिंग मजबूत होगी और किसानों को नए बाजार उपलब्ध हो सकेंगे।
कृषि यंत्रीकरण और सब्सिडी व्यवस्था की होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कृषि यंत्रों की बिक्री, उपयोग और किसानों को दी जा रही सब्सिडी की स्थिति का आकलन करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कृषि यंत्रीकरण को और प्रभावी बनाकर खेती को आधुनिक और अधिक उत्पादक बनाया जाए।
PM किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों का बढ़ेगा दायरा
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अधिक से अधिक पात्र किसानों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने लाभार्थियों के शत-प्रतिशत कवरेज को सुनिश्चित करने पर जोर दिया ताकि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे।
बैठक में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

