Bihar News: बिहार संग्रहालय बना देश का रोल मॉडल! दिल्ली से तेलंगाना तक 9 बड़े संग्रहालयों के निर्माण में निभा रहा अहम भूमिका

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Bihar News: बिहार संग्रहालय अब केवल राज्य की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक नहीं, बल्कि देशभर में संग्रहालय विकास का एक सफल मॉडल बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार संग्रहालय समिति आज नई दिल्ली, गुजरात, ओडिशा और तेलंगाना समेत देश के विभिन्न हिस्सों में कुल 9 संग्रहालयों की स्थापना और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह बिहार के लिए गर्व की बात है और राज्य की बढ़ती सांस्कृतिक प्रतिष्ठा का प्रमाण भी।

मुख्यमंत्री मंगलवार को बिहार संग्रहालय में आयोजित बिहार संग्रहालय समिति की शासी निकाय की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में संग्रहालय की उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं और सांस्कृतिक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

5 लाख से अधिक आगंतुकों ने बनाया रिकॉर्ड

बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि बिहार संग्रहालय ने पिछले वर्ष 5 लाख से अधिक टिकटधारी आगंतुकों का रिकॉर्ड दर्ज किया। मुख्यमंत्री ने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि बिहार संग्रहालय आज राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सभ्यतागत विरासत का जीवंत केंद्र बन चुका है।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि बिहार की पहचान, गौरव और ज्ञान परंपरा का प्रतिनिधि संस्थान है। इसे विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप और विकसित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

स्थापना दिवस समारोह को भव्य बनाने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने 7 अगस्त से 10 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाले बिहार संग्रहालय के स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आयोजन को भव्य, आकर्षक और प्रभावी बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि इस अवसर पर बिहार की ऐतिहासिक उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा को देश-दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाए।

लोककला और लोकसंस्कृति को मिलेगा विशेष स्थान

बैठक में बिहार की लोककला, लोकसंस्कृति और पारंपरिक कला रूपों को संग्रहालय की गतिविधियों का प्रमुख हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की लोक परंपराएं बिहार की सांस्कृतिक पहचान की सबसे बड़ी ताकत हैं और इनके संरक्षण तथा प्रचार-प्रसार में संग्रहालय अहम भूमिका निभा सकता है।

संग्रहालय से जुड़ेगा रोजगार और कौशल विकास

मुख्यमंत्री ने संग्रहालय को पर्यटन, कौशल विकास और रोजगार सृजन से जोड़ने की दिशा में भी पहल करने का सुझाव दिया। बैठक में टूर गाइड, डिजाइन और लोक कलाओं से जुड़े डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।

उन्होंने कहा कि ऐसे कोर्स युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करेंगे और साथ ही राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने में भी मददगार साबित होंगे।

विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए बनेगा और आकर्षक

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिहार संग्रहालय को विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, पर्यटकों और आम नागरिकों के लिए और अधिक उपयोगी तथा आकर्षक बनाया जाए। इसके लिए नई सुविधाएं विकसित करने और संग्रहालय की पहुंच को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक बढ़ाने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।

राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही बिहार संग्रहालय की पहचान

बैठक में बताया गया कि बिहार संग्रहालय समिति विभिन्न राज्यों में संग्रहालय परियोजनाओं को तकनीकी सहयोग, परामर्श और मार्गदर्शन प्रदान कर रही है। नई दिल्ली, गुजरात, ओडिशा और तेलंगाना सहित कुल 9 संग्रहालयों के विकास में उसकी विशेषज्ञता का उपयोग किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि बिहार संग्रहालय की क्षमता, विशेषज्ञता और राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाती है। उन्होंने भविष्य में भी संग्रहालय क्षेत्र में बिहार की अग्रणी भूमिका बनाए रखने पर जोर दिया।

बैठक में कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और समिति के सदस्य उपस्थित थे।

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