झारखंड के मुख्य मंत्री का अनोखा सुझाव – ‘अपना पैसा जमीन में गाड़ दो लेकिन बैंकों में मत रखो’

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  • बीरेंद्र कुमार झा

इन दिनों देश के राजनेताओं में बिना विचारे उलजलूल बोलने का चलन तेजी से बढ़ता जा रहा है।सदन से लेकर सड़क तक जहां मन आया कुछ बक दिया। इसी क्रम में रामगढ़ में एक सभा को संबोधित करते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज कल ऐसे हालात हैं कि कब कोई बैंक वाले आपका पैसा लेकर फरार हो जाए, ये पता नहीं है. हेमंत सोरेन ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है. इसलिए उन्होंने ग्रामीणों, किसानों और मजदूरों को अजीबोगरीब नसीहत देते हुए कहा कि अपना पैसा जमीन में गाड़ कर रखें, पर बैंक में मत रखें।आज भरोसा नहीं है कि कौन सा बैंक कब डूब जाए।

मोदी राज में हुआ आजाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आजाद भारत में सबसे बड़ा घोटाला मोदी सरकार के समय में हुआ है। इससे देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गयी है और बैंक वालों के हाथ-पांव कांप रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने शुरू से ही गांव-देहात के किसानों और मजदूरों से कहा है कि आप लोग अपना पैसा बैंक में मत रखिये। आजकल बैंक लगातार डूब रहे हैं।

हमारे पूर्वज जमीन में गाड़कर रखते थे पैसा

पूर्वजों का उदाहरण देते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लोगों से कहा कि हमारे बूढ़े-बुजुर्गों ने यही काम किया है बक्सा के नीचे, कपड़ा के अंदर और बोरे में पैसा रखकर जमीन में गाड़ देते थे या किसी सुरक्षित जगह पर रख देते थे।इससे उन्हें कम से कम जितना रखते थे उतना पैसा तो मिल जाता था।लेकिन आज तो उतना भी नहीं मिलता है। इसलिए आप लोग भी प्लास्टिक में भरकर पैसा जमीन में गाड़ दें, लेकिन बैंक में मत रखें। आजकल हालात ऐसे हैं कि बैंक वाले कब आपका पैसा लेकर गायब हो जायेंगे, पता भी नहीं चलेगा। हेमंत सोरेन ने बैंकों की हालत खस्ता बताते हुए इसके लिए केंद्र की सरकार पर निशाना साधा।

सरकार भी अपने पैसे बैंकों में रखती है।

झारखंड के विभिन्न बैंकों में सरकार के विभिन्न विभागों के खाते खुले हुए हैं,जहां सरकार अपने पैसे जमा करती है या उससे निकासी करती है।
हेमंत सोरेन की सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के लिए एलॉटमेंट के रूप में जो राशि विभिन्न जिलो में भेजी जाती है,उसे भी बैंकों में ही रखा जाता है, और जरूरत के हिसाब से उसे बैंकों से निकाला जाता है या बैंकों में जमा किया जाता है।

भ्रष्ट अधिकारी ,राजनेता और माफिया अवैध पैसों को रखते हैं छुपाकर

बैंकों में आमतौर पर वैध पैसे ही रखे जाते हैं।बैंकों में रखे इन पैसों के लेन-देन से हमारी अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होती है। लोगों के जमा पैसों को या रिजर्व बैंक से प्राप्त राशि को ही बैंक उद्यमियों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को ऋण के रूप में देते हैं, जिससे हमारे देश में उद्योग और व्यवसाय फलते- फूलते हैं। इससे हमारे देश की जीडीपी बढ़ती है,जिससे केंद्र और राज्य की सरकारें देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ लोककल्याणकारी कार्य करती है और अपने कर्मियों की वेतन देती है। लेकिन अवैध पैसे को आमतौर पर बैंकों में इसलिए नहीं डाला जाता है क्योंकि आयकर और अन्य जांच एजेंसियां बैंकों से इसका जानकारी लेकर अवैध रूप से पैसा जमा करने वालों पर कार्रवाई कर सकती है। हाल में झारखंड के मुख्य अभियंता विरेंद्र राम के ठिकाने से भी ईडी को अवैध रूप से रखी भारी रकम मिले थी,इसके अलावा झारखंड के तीन विधायक कोलकाता में अवौध पैसे लेकर जाते हुए पकड़े गए थे,जिसके बारे में कहा जा रहा है कि इस राशि से विधायकों को खरीदकर झारखंड सरकार की अस्थिर करने में उपयोग होना था। घोटालेबाज ऐसे अवैध पैसों को बैंकों में न जाने रखकरर उसे बेनामी संपत्ति खरीद कर हजम कर लेते है।

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