Bihar News: बिहार में मुख्य सचिव का सख्त संदेश! 15 जून तक सभी खराब चापाकाल हों दुरुस्त, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

0
12

Bihar News: भीषण गर्मी और बढ़ती पेयजल जरूरतों के बीच बिहार सरकार ने प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह अलर्ट मोड पर ला दिया है। सोमवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण योजनाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों की विस्तार से समीक्षा की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलाधिकारी बैठक में शामिल हुए।

बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को तय समयसीमा के भीतर परिणाम देने का निर्देश दिया।

15 जून तक सभी खराब चापाकालों को चालू करने का आदेश

गर्मी के मौसम में पेयजल संकट को देखते हुए मुख्य सचिव ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) को 15 जून 2026 तक राज्य के सभी खराब पड़े चापाकालों को हर हाल में दुरुस्त करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा कि इस कार्य को मिशन मोड में चलाया जाए और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मानव संसाधन की तैनाती की जाए। दक्षिण बिहार के जिलों को प्राथमिकता देने का निर्देश भी दिया गया, क्योंकि वहां जलस्तर गिरने की संभावना अधिक रहती है।

मुख्य सचिव ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को कार्यालयों में बैठने के बजाय फील्ड में उतरकर कार्यों की निगरानी करने का निर्देश दिया। साथ ही दैनिक प्रगति रिपोर्ट विभागीय स्तर पर उपलब्ध कराने को कहा गया है।

Farmer Registry की धीमी रफ्तार पर नाराजगी

बैठक में किसान पंजीकरण यानी Farmer Registry की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने प्रगति पर असंतोष जताया। राज्य में 86.36 लाख किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया है, जबकि अब तक केवल 51.58 लाख किसानों का ही रजिस्ट्रेशन हो सका है।

उन्होंने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और सभी जिलाधिकारियों को लंबित आवेदनों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

सारण, जमुई, सीवान और पूर्वी चंपारण जैसे जिलों में अपेक्षाकृत कम प्रगति पर विशेष चिंता व्यक्त की गई। वहीं अररिया जिले में लंबित मामलों की अधिक संख्या को देखते हुए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।

PM-Kisan और कृषि योजनाओं की भी हुई समीक्षा

बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और अन्य कृषि संबंधी योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और किसी प्रकार की प्रशासनिक देरी न हो।

नेपाल सीमा से सटे जिलों को विशेष अलर्ट

भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े जिलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बैठक में चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ लगातार निगरानी रखें ताकि किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।

‘ज्ञान भारतम’ सर्वेक्षण को लेकर भी सख्ती

राज्य में चल रहे ‘ज्ञान भारतम’ सर्वेक्षण की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने सभी जिलों को 15 जून तक निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण की अंतिम तिथि काफी नजदीक है, इसलिए सभी जिले शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य करें।

“धरातल पर दिखना चाहिए काम”

बैठक के अंत में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों को साफ संदेश देते हुए कहा कि जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कागजी उपलब्धियों के बजाय जमीन पर दिखाई देने वाले परिणाम ही प्रशासन की वास्तविक सफलता माने जाएंगे।

सरकार की प्राथमिकता है कि गर्मी के दौरान लोगों को पेयजल की समस्या न हो, किसानों से जुड़ी योजनाओं का लाभ समय पर मिले और सभी विकासात्मक कार्यक्रम तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here