Bihar News: बिहार के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में 25 जुलाई को अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम ‘समावेशी शिक्षा: हमारा हर बच्चा महत्वपूर्ण’ रखी गई है। शिक्षा विभाग का उद्देश्य अभिभावकों, शिक्षकों और समुदाय के बीच समावेशी शिक्षा की अवधारणा को मजबूत बनाना तथा प्रत्येक बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए साझा जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए स्कूल और परिवार दोनों की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्देश दिया कि संगोष्ठी के माध्यम से ऐसा सकारात्मक और अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए, जहां हर बच्चा सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास के साथ सीख सके और अपनी क्षमता का पूरा विकास कर सके।
बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और भविष्य पर होगी खुली चर्चा
संगोष्ठी के दौरान विद्यालयों में कक्षा-वार बैठकें आयोजित की जाएंगी। इनमें अभिभावक और शिक्षक बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, नियमित उपस्थिति, स्वास्थ्य एवं पोषण, घर पर पढ़ाई का माहौल, सीखने में सहयोग और पढ़ाई से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। साथ ही विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा, उनकी जरूरतों और उनके प्रति संवेदनशील व्यवहार पर भी विशेष संवाद होगा।
अधिक से अधिक अभिभावकों की भागीदारी पर जोर
शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि कार्यक्रम में अधिक से अधिक अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। सभी संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों को आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन देने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि संगोष्ठी का सफल आयोजन हो और स्कूल तथा परिवार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके।
सरकार का मानना है कि अभिभावकों और शिक्षकों के बीच नियमित संवाद से बच्चों की सीखने की क्षमता, आत्मविश्वास और विद्यालय से जुड़ाव को मजबूत किया जा सकेगा। यह पहल समावेशी, संवेदनशील और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

