पटना: बिहार सरकार राज्य को स्वच्छ, हरित और सतत ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी उद्देश्य से ऊर्जा विभाग, बिहार सरकार, बिहार रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (BREDA) और कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के संयुक्त तत्वावधान में पटना में दो दिवसीय ‘सोलर एंड सस्टेनेबल एनर्जी समिट एवं प्रदर्शनी’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के पहले दिन विशेषज्ञों ने उद्योगों के लिए नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते महत्व, नई तकनीकों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
बिहार में तेजी से बढ़ रही बिजली की मांग
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऊर्जा सचिव एवं बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव ने कहा कि बिहार में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि करीब एक दशक पहले राज्य की पीक डिमांड लगभग 1,800 मेगावाट थी, जो अब बढ़कर करीब 9,000 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। यह राज्य के तेजी से हो रहे विकास और बढ़ती ऊर्जा जरूरतों का संकेत है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में बिजली की मांग और बढ़ने की संभावना को देखते हुए सरकार अभी से आवश्यक तैयारियां कर रही है। ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत बनाया जा रहा है, साथ ही नए ग्रिड सबस्टेशन, पावर सबस्टेशन और डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर भी लगातार स्थापित किए जा रहे हैं।
सौर ऊर्जा और ग्रीन एनर्जी पर सरकार का बड़ा फोकस
ऊर्जा सचिव ने कहा कि बिहार सरकार सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और प्रधानमंत्री-कुसुम योजना के तहत विभिन्न परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य में पहले ही रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी और पंप स्टोरेज पॉलिसी लागू की जा चुकी है, जबकि ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी पर भी तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बिहार सौर एवं सतत ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा। साथ ही उन्होंने उद्योगों के लिए ग्रीन ओपन एक्सेस पॉलिसी तैयार करने की दिशा में भी सहयोग की आवश्यकता बताई।
उद्योगों को मिलेगी बेहतर और निर्बाध बिजली
ऊर्जा सचिव ने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक क्षेत्रों को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बिजली वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाया जा रहा है ताकि उद्योगों को बिना रुकावट बिजली मिल सके और निवेश को बढ़ावा मिले।

उन्होंने यह भी बताया कि बिहार में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और इस मामले में राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। इसके अलावा न्यूक्लियर पावर और पंप स्टोरेज जैसी दीर्घकालिक ऊर्जा परियोजनाओं पर भी कार्य जारी है।
15 वर्षों में बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव
कार्यक्रम में BREDA एवं नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार ने कहा कि पिछले डेढ़ दशक में बिहार के ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव हुए हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले 15 वर्षों में राज्य की बिजली मांग लगभग 13 गुना बढ़ी है। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 22 घंटे से अधिक और शहरी क्षेत्रों में 23 घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
राहुल कुमार ने कहा कि आज बिहार बिजली उपलब्धता के मामले में आत्मनिर्भर राज्यों की श्रेणी में शामिल हो चुका है। उन्होंने बताया कि विभाग के कुल उपभोक्ताओं में लगभग 89 से 90 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता हैं। साथ ही, भारत सरकार की डिस्कॉम उपभोक्ता सेवा रैंकिंग में NBPDCL ने पिछले वर्ष देश के टॉप-5 डिस्कॉम में स्थान हासिल किया था।
सौर परियोजनाओं और ऊर्जा भंडारण पर होगा बड़ा निवेश
राहुल कुमार ने कहा कि राज्य में लागू रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी-2025 को उद्योग जगत से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कजरा सोलर परियोजना और पंप स्टोरेज परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले समय में ऊर्जा भंडारण (एनर्जी स्टोरेज) से जुड़ी और भी बड़ी परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।
बिहार डेटा सेंटर नीति पर रिपोर्ट का विमोचन
समिट के दौरान “Sustainable Data Centre Policy for Bihar” विषय पर तैयार रिपोर्ट का भी विमोचन किया गया। इस रिपोर्ट में बिहार में ग्रीन डेटा सेंटर विकसित करने, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और सतत औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक नीतिगत सुझावों और संभावनाओं का विस्तार से उल्लेख किया गया है।

