Bihar News: बिहार सरकार ने ग्रामीण विकास और महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) में विभिन्न पदों पर चयनित 2,446 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इस अवसर पर सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए इसके दायरे को शहरी क्षेत्रों तक बढ़ाने की घोषणा भी दोहराई। सरकार का दावा है कि यह पहल रोजगार सृजन, महिला आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगी।
2,446 युवाओं को मिली नई जिम्मेदारी
पटना के शास्त्रीनगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। ये सभी युवा प्रखंड परियोजना प्रबंधन, सामुदायिक समन्वय, जीविकोपार्जन, लेखा, सूचना प्रौद्योगिकी और प्रशासनिक कार्यों सहित विभिन्न जिम्मेदारियां संभालेंगे। सरकार का मानना है कि इनकी भूमिका ग्रामीण विकास योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में अहम होगी।
‘महिला रोजगार योजना’ को बताया बिहार की बड़ी उपलब्धि
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में राज्य की महत्वपूर्ण पहल रही है। उनके अनुसार, इस योजना ने बड़ी संख्या में महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है और अब इसका विस्तार शहरी क्षेत्रों में भी किया जा रहा है।
महिला समूहों को आर्थिक सहयोग
मंत्री ने बताया कि राज्य में लगभग 13 लाख स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे करीब 1.81 करोड़ परिवार जुड़े हुए हैं। योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रारंभिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा स्वरोजगार शुरू करने वाली महिलाओं को अतिरिक्त वित्तीय सहयोग देने की भी व्यवस्था की गई है, ताकि वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें।
शहरी क्षेत्रों में भी मिलेगा योजना का लाभ
सरकार के अनुसार, महिला रोजगार योजना को अब शहरी इलाकों तक विस्तारित किया जा रहा है। इस योजना के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं और उनकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
किसान उत्पादक कंपनियां भी बनीं रोजगार का माध्यम
ग्रामीण विकास विभाग का कहना है कि कृषि क्षेत्र में किसान उत्पादक कंपनियों (FPOs) के जरिए सामूहिक उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में 72 किसान उत्पादक कंपनियां संचालित हैं, जिनका कारोबार 265 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया। इन संस्थाओं से एक लाख से ज्यादा ग्रामीणों को रोजगार और आजीविका के अवसर मिल रहे हैं।
ग्रामीण विकास योजनाओं को मिलेगी नई गति
सरकार का कहना है कि जीविका में नियुक्त हुए नए कर्मचारी गांवों में महिला सशक्तीकरण, कौशल विकास, वित्तीय समावेशन और रोजगार सृजन जैसी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विभाग को उम्मीद है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की रफ्तार और तेज होगी।

