Bihar News: बिहार सरकार ने राज्य में मछली पालन और जलीय कृषि को नई दिशा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद बिहार जलकृषि आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (Bihar Aquaculture Infrastructure and Development Corporation Limited) के गठन का रास्ता साफ हो गया है। सरकार का मानना है कि इस पहल से वैज्ञानिक तकनीक के जरिए मछली उत्पादन में तेजी आएगी, आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास होगा और मछली पालकों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
वैज्ञानिक तकनीक से बढ़ेगा उत्पादन
कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत गठित होने वाला यह निगम डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अधीन कार्य करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में मछली उत्पादन को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन और वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़ना है, ताकि उत्पादन क्षमता के साथ गुणवत्ता में भी सुधार हो सके।
मत्स्य क्षेत्र की सभी प्रमुख गतिविधियां होंगी एक मंच पर
निगम बनने के बाद मत्स्य क्षेत्र से जुड़ी कई अहम गतिविधियों का संचालन एकीकृत ढंग से किया जाएगा। इसमें मत्स्य बीज उत्पादन, हैचरी प्रबंधन, ब्रूड बैंक का संचालन, सरकारी मत्स्य बीज प्रक्षेत्रों का विकास, जलाशयों का प्रबंधन, एक्वेटिक रेफरल लैब, मछली प्रसंस्करण, विपणन और ‘फ्रेश कैच’ आउटलेट्स का विस्तार शामिल होगा। इससे उत्पादन से लेकर बाजार तक की पूरी व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बन सकेगी।
एक्वापार्क और आधुनिक सुविधाओं पर रहेगा जोर
राज्य सरकार चौथे कृषि रोडमैप और सात निश्चय कार्यक्रम के तहत मत्स्य क्षेत्र में कई आधुनिक परियोजनाओं को आगे बढ़ा रही है। इसके अंतर्गत ऐसे एकीकृत एक्वापार्क विकसित किए जाएंगे, जहां हैचरी, मछली पालन, प्रोसेसिंग, प्रशिक्षण और विपणन जैसी सभी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। साथ ही उन्नत नस्लों और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।
बिहार ने बनाई अलग पहचान
सरकार के मुताबिक, बिहार आज देश के प्रमुख मछली उत्पादक राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। राज्य में उत्पादित मछली से न केवल स्थानीय मांग पूरी हो रही है, बल्कि अन्य राज्यों और नेपाल जैसे पड़ोसी बाजारों में भी इसकी आपूर्ति की जा रही है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार में 10.28 लाख मीट्रिक टन मछली का उत्पादन दर्ज किया गया, जिसमें से करीब 89.62 हजार मीट्रिक टन मछली राज्य से बाहर भेजी गई।
5 साल में 15 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य
राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में मछली उत्पादन को बढ़ाकर 15 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार को उम्मीद है कि नए निगम के गठन से निवेश बढ़ेगा, आधुनिक तकनीक का विस्तार होगा और हजारों मछली पालकों के लिए रोजगार व आय के नए अवसर पैदा होंगे।

