Bihar Revenue Collection: बिहार सरकार के राजस्व संग्रह को लेकर बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई महीने तक राज्य के प्रमुख राजस्व संग्रह विभागों ने मिलकर ₹19,253 करोड़ का संचयी राजस्व जुटाया है। खास बात यह है कि पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले इस बार राजस्व संग्रह में करीब 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
राज्य के राजस्व संग्रह की स्थिति और वित्तीय वर्ष के निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा के लिए वित्त विभाग की ओर से उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने अधिकारियों के साथ राजस्व प्राप्तियों की विस्तृत समीक्षा की और संग्रह की रफ्तार को और बढ़ाने के निर्देश दिए।
जुलाई तक ₹19,253 करोड़ की कमाई
समीक्षा बैठक में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्तीय वर्ष में जुलाई तक राज्य के प्रमुख राजस्व विभागों ने कुल 19,253 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया है।
पिछले साल की समान अवधि की तुलना में यह आंकड़ा करीब 18 फीसदी अधिक है। सरकार के मुताबिक, राजस्व संग्रह में यह वृद्धि राज्य की वित्तीय स्थिति के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
किन विभागों से आया राजस्व?
राज्य के कई प्रमुख विभाग राजस्व जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इनमें शामिल हैं: वाणिज्य-कर विभाग,मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग,परिवहन विभाग,खनन एवं भूतत्व विभाग,राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग
इन विभागों के प्रदर्शन की बैठक में अलग-अलग स्तर पर समीक्षा की गई और वित्तीय वर्ष के लिए तय लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।
वित्त मंत्री ने अधिकारियों को दिया सख्त निर्देश
उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने अधिकारियों को राजस्व संग्रह की गति बनाए रखने और उसे और तेज करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए विभागों को अपनी कार्यक्षमता बढ़ानी होगी। सरकार का जोर इस बात पर है कि उपलब्ध संसाधनों से अधिकतम राजस्व जुटाया जाए, ताकि राज्य में चल रहे विकास कार्यों को और गति मिल सके।
वित्त मंत्री ने अधिकारियों से राजस्व अर्जन में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने और तय लक्ष्यों की दिशा में लगातार प्रभावी तरीके से काम करने पर जोर दिया।
उच्चस्तरीय बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद
राजस्व संग्रह की समीक्षा को लेकर आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में वित्त विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह और सचिव (व्यय) रचना पाटिल समेत संबंधित विभागों के प्रधान सचिव और सचिव मौजूद रहे।
बैठक में चालू वित्तीय वर्ष के राजस्व लक्ष्य, अब तक की उपलब्धि और आने वाले महीनों में संग्रह को बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा की गई।
सरकार के लिए क्यों अहम है राजस्व संग्रह?
राज्य की विकास योजनाओं और सरकारी खर्चों को पूरा करने में राजस्व संग्रह की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में जुलाई तक संग्रह में 18 प्रतिशत की वृद्धि सरकार के लिए उत्साहजनक मानी जा रही है।
अब वित्त विभाग का फोकस आने वाले महीनों में राजस्व संग्रह की रफ्तार को और बढ़ाने और वित्तीय वर्ष 2026-27 के निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने पर रहेगा।

