ट्रेन से सफर करने वाले लगभग हर यात्री ने कभी न कभी प्लेटफॉर्म बदलने की अफरा-तफरी का सामना जरूर किया होगा। अक्सर जब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आने वाली होती है, तो घोषणा की जाती है कि ट्रेन किस प्लेटफॉर्म पर आएगी। ऐसे में अगर ऐन मौके पर प्लेटफॉर्म बदल जाए, तो भागतौड़ करना काफी तनावपूर्ण हो जाता है।
हालांकि कि अगर आपको सही तरीका पता हो, तो आप ट्रेन किस प्लेटफॉर्म पर आएगी इसका पता चला आसानी से लगा सकते हैं।
इसके लिए आप NTES यानी कि नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो कि पूरी तरह से फ्री है। इस सिस्टम की खास बात है कि इसकी मदद से आप ट्रेन के प्लेटफॉर्म को लेकर लाइव जानकारी पा सकते हैं।
NTES यानी कि नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम भारतीय रेलवे का ऑफिशियल वेब और मोबाइल ऐप प्लेटफॉर्म है, जिसे इस्तेमाल करना पूरी तरह से मुफ्त है।
खास बात है कि इसे इस्तेमाल करने के लिए लॉगिन करने या अकाउंट बनाने की जरूरत नहीं पड़ती।
यह ऐप ट्रेनों की लाइव स्थिति, देरी, आगमन-प्रस्थान के समय और स्टेशनों के प्लेटफॉर्म नंबर की सटीक जानकारी रियल-टाइम में देती है।
इसे किसी भी स्मार्टफोन पर ऐप के रूप में या ब्राउज़र पर एक्सेस किया जा सकता है।
अगर आप अपनी ट्रेन के लिए यह जानना चाहते हैं कि वह किस प्लेटफॉर्म पर आएगी, तो इसके लिए आपको NTES ऐप या वेबसाइट खोलकर अपनी टिकट पर दर्ज 5 अंकों का ट्रेन नंबर सर्च करना होगा।
ध्यान दें कि आप सटीक रिजल्ट चाहते हैं, तो ट्रेन के नाम की जगह नंबर को ही सर्च करें।
इसके बाद Live Status पर क्लिक करें। यहां आपको ट्रेन की वर्तमान स्थिति, देरी और आपके बोर्डिंग स्टेशन पर आने वाले संभावित प्लेटफॉर्म नंबर की पूरी जानकारी दिख जाएगी।
यह जानकारी रेलवे ऑपरेशन्स के अनुसार अपडेट होती रहती है।
अगर आप बिल्कुल अपडेटेड जानकारी चाहते हैं, तो स्टेशन पहुंचने से 20 मिनट पहले ऐप को चेक करें। इसके अलावा, आप स्टेशन पहुंचकर एक बार फिर ऐप को रिफ्रेश करके चेक कर सकते हैं। बड़े स्टेशनों पर कई कारणों से प्लेटफॉर्म आखिरी समय पर भी बदल सकते हैं।
यह बात सही है कि NTES ऐप रियल टाइम में प्लेटफॉर्म की जानकारी देकर यात्रियों को परेशानी से बचाता है लेकिन कई बार नेटवर्क में समस्या या सर्वर में देरी की वजह से ऐप पर अपडेट दिखने में समय भी लग सकता है।
ऐसे में स्टेशन पर डिस्प्ले बोर्ड और आधिकारिक लाउडस्पीकर एनाउंसमेंट से जानकारी को क्रॉस चेक करते रहने में कोई नुकसान नहीं है।
अचानक प्लेटफॉर्म बदलने से खासकर बुजुर्गों, बच्चों और भारी सामान के साथ यात्रा कर रहे लोगों को काफी परेशानी होती है। NTES ऐप आपको स्टेशन पहुँचने से पहले ही मानसिक रूप से तैयार रहने का मौका देता है। हालाँकि, भीड़ के समय ऐप डेटा में 1-2 मिनट की देरी हो सकती है। इसलिए, स्टेशन के अंदर पहुँचने के बाद हमेशा डिस्प्ले बोर्ड और आधिकारिक लाउडस्पीकर एनाउंसमेंट को ही अंतिम और सही मानें।

