Bihar News: बिहार पुलिस होगी पूरी तरह Digital! अगले 6 महीने में ऑनलाइन होगा अपराध अनुसंधान

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Bihar News: बिहार पुलिस अब अपराध अनुसंधान को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। एडीजी (सीआईडी) पारसनाथ ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि आने वाले 5 से 6 महीनों में अपराध अनुसंधान की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल करने की योजना है।

उन्होंने कहा कि अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई और वैज्ञानिक अनुसंधान को मजबूत बनाने के लिए कई डिजिटल एप और पोर्टल का इस्तेमाल तेजी से बढ़ाया जा रहा है।

2018 पुलिस अधिकारियों को दी गई हाईटेक ट्रेनिंग

एडीजी पारसनाथ ने बताया कि सीआईडी की ओर से 12 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। पिछले एक वर्ष में 6 बैचों के माध्यम से 2018 पुलिस पदाधिकारियों को वैज्ञानिक अनुसंधान और डिजिटल तकनीकों की ट्रेनिंग दी जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के लिए पुलिस अधिकारियों को आधुनिक तकनीकों और ऑनलाइन सिस्टम का उपयोग सिखाया जा रहा है।

968 थाने जुड़े CCTNS सिस्टम से

बिहार पुलिस ने Crime and Criminal Tracking Network System (CCTNS) का दायरा तेजी से बढ़ाया है। वर्तमान में राज्य के 968 थाने इस सिस्टम से जुड़ चुके हैं और जल्द ही बाकी थानों को भी इससे जोड़ दिया जाएगा।

इस सिस्टम की मदद से FIR,केस डायरी,चार्जशीट,अंतिम प्रपत्र,अन्य जांच दस्तावेज ऑनलाइन देखे और अपडेट किए जा सकते हैं।

बढ़ी ऑनलाइन FIR और ChargeSheet की संख्या

एडीजी के मुताबिक जनवरी 2026 में CCTNS पर दर्ज FIR की संख्या 26,335 थी, जो अप्रैल तक बढ़कर 26,981 हो गई। वहीं चार्जशीट की संख्या जनवरी में 26,660 से बढ़कर अप्रैल में 37,631 पहुंच गई।

इसके अलावा अप्रैल महीने में केस डायरी एंट्री का आंकड़ा बढ़कर 1,14,552 तक पहुंच गया।

E-Sakshya और NAFIS से होगी वैज्ञानिक जांच

प्रेस वार्ता में बताया गया कि ई-साक्ष्य पोर्टल के जरिए इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। जनवरी से अप्रैल तक इस पोर्टल पर 68,844 केसों के दस्तावेज अपलोड किए गए हैं।

वहीं NAFIS (National Automated Fingerprint Identification System) के जरिए अपराधियों और संदिग्धों के फिंगरप्रिंट का डिजिटल मिलान किया जा रहा है।

Mission Vatsalya और E-Prison सिस्टम का भी इस्तेमाल

गुमशुदा और पीड़ित बच्चों की खोज के लिए Mission Vatsalya Portal का इस्तेमाल किया जा रहा है, जहां बच्चों की फोटो और पूरी जानकारी अपलोड की जाती है।

इसके अलावा E-Prison System के जरिए जेल और कैदियों से जुड़ी सूचनाओं को डिजिटल रूप से प्रबंधित किया जा रहा है।

पुलिस जांच को हाईटेक बनाने की तैयारी

एडीजी पारसनाथ ने कहा कि डिजिटल तकनीक की मदद से अपराध अनुसंधान को तेज, पारदर्शी और वैज्ञानिक बनाया जा रहा है। आने वाले समय में ऑनलाइन मॉनिटरिंग और डेटा इंटीग्रेशन से पुलिस की कार्रवाई और अधिक प्रभावी होगी।

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